αȳȳबिहार में जून महीने में सरकारी महकमें में जबरदस्त सेटिंग की बात सामने आती है। पैसे के बल पर चहेते अधिकारियों-कर्मियों की पोस्टिंग की जाती रही है। इस बार भी जून महीने में जबरदस्त तरीके से खेल हुआ है।
सत्ताधारी दल के विधायक ने तो आज ट्रांसफर-पोस्टिंग में होने वाली वसूली से पर्दा ही उठा दिया। नीतीश कैबिनेट के मंत्रियों पर पैसे लेकर ट्रांसफर पोस्टिंग करने का आरोप लगा है। यह आरोप विपक्ष के किसी नेता ने नहीं बल्कि खुद बीजेपी के ही एक विधायक ने लगाया है।
बीजेपी विधायक ने तो यहां तक कह दिया कि जून महीने में ट्रांसफऱ-पोस्टिंग में एक-एक मंत्री करोड़ों की कमाई करते हैं। वैसे सत्ताधारी विधायक ने जो भी आरोप लगाये हैं उसमें दम दिखता है। किस तरह से चहेते की सेटिंग कराई जाती है इसकी बानगी परिवहन विभाग में देखने को मिला है। एक चहेते एमवीआई के आगे पूरा सिस्टम नतमस्तक हो गया।
परिवहन विभाग का 2018 और 2021 का स्थानांतरण आदेश देखेंगे तो सबकुछ पानी की तरह साफ हो जाएगा। विभाग के दोनों स्थानांतरण आदेश देखने के बाद आप कहेंगे कि बिना कृपा बरसे यह काम संभव नहीं।
बाढ़ से बीजेपी के विधायक के ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने आरोप लगाया है कि ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल में नीतीश सरकार के मंत्रियों ने खूब पैसे बटोरे हैं। ज्ञानू का आरोप है कि बीजेपी के कोटे के मंत्रियों ने खूब पैसे लेकर तबादले किए।
इस बारे में उन्हें अपने सूत्रों से जानकारी मिली है। ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू से जब यह सवाल किया गया कि उनके पास यह आरोप लगाने का क्या आधार है। तो ज्ञानू ने कहा कि बीजेपी के एक नेता का 45 करोड़ वाला ऑडियो वायरल हो चुका है।
उन्होंने एमएलसी देवेश कुमार के ऑडियो की तरफ इशारा किया। बीजेपी विधायक ने पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मांग की है कि वह ऐसे लोगों को मंत्री पद पर ना रहने दें जो पैसे के लिए पार्टी की छवि को धूमिल कर रहे हैं।
कभी नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से विधायक रह चुके ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि सरकार में शामिल जेडियो कोटे के मंत्री ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल में कम शामिल रहे हैं। दरअसल उनको इस बात का डर है कि अगर नीतीश कुमार को इस बात की जानकारी हो गई तो मुश्किल होगी। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी कोटे के मंत्री खुलकर तबादले में पैसा कमा रहे हैं।
