बिहार में कोरोना के मामले में लगातार इजाफा हो रहे हैं.. सूबे में कई लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं.. आज मुख्यमंत्री आवास में भी कोरोना की एंट्री हो गई है.. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भतीजी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है जिसके बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है… इसके बाद से मुख्यमंत्री के आवास पर वेंटिलेटर युक्त अस्पताल खुलवाया गया है.. इसको लेकर एक डॉक्टर की टीम प्रतिनियुक्त की गई है, जो दिन के तीन शिफ्ट में वहां सेवा देगी..
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री आवास में कोरोना पॉजिटिव के एंट्री होने के बाद वेंटिलेटर अस्पताल खुलवा दिया गया है वहीं इसी बिहार में डॉक्टर के इंतजार में एक मरीज की मौत हो गई है..मामला सुपौल का है जहां आधे घंटे तक डॉक्टरों के इंतजार में एक मरीज ने दम तोड़ दिया.. आखिरकार उसके परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है….
ताजा मामला सुपौल पिपरा अंतर्गत महेशपुर गांव के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि की पत्नी सविता देवी की अचानक तबीयत खराब होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया परिजन द्वारा हॉस्पिटल का चक्कर लगाया जाता रहा। लेकिन किसी भी डॉक्टर ने मरीज की सुधि नहीं ली हॉस्पिटल आने के एक घंटा होने के बाद भी कोई भी डॉक्टर देखने तक नहीं आया जिसकी लापरवाही की वजह से मरीज ने दम तोड़ दिया
आरोप है कि आए दिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अस्पताल में ऐसी अनहोनी होती रहती है ।डॉक्टर प्राइवेट क्लीनिक खोल कर पैसे लेकर लोगों का इलाज करते हैं। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में ड्यूटी नहीं करते हैं ।जिससे क्षेत्र के गरीब जनताओं को लापरवाही की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ती है
बताया जाता है कि जिस समय इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया । उस समय डॉक्टर बी बी सिंह का ड्यूटी था। लेकिन डॉक्टर के ड्युटी पर नहीं रहने कारण इलाज के वैगर महिला की मोत हो गई , जब परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मी से सीएस का नम्बर मांगा सहमे स्वास्थ्य कर्मी ने मृतक परिजनों को आश्वासन देते रहे…
महीप राज, बिहार नाउ, पटना
