पटना: राजधानी के गांधी मैदान के निकट हुई प्रसिद्ध कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. गांधी मैदान थाना प्रभारी राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई पटना एसएसपी की जांच रिपोर्ट के बाद की गई है.
गांधी मैदान थाना प्रभारी राजेश कुमार सस्पेंड: एसएसपी द्वारा जोनल आईजी जितेंद्र राणा को सौंपी गई अंतिम जांच रिपोर्ट में थाना प्रभारी की ओर से कर्तव्य पालन में गंभीर लापरवाही पाई गई है. इसी रिपोर्ट के आधार पर जोनल आईजी जितेंद्र राणा ने गांधी मैदान थाना प्रभारी राजेश कुमार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है.
घटना के बाद गोपाल खेमका के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था. साथ ही दावा किया था कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची. इस देरी ने हमलावर को फरार होने का पर्याप्त मौका दिया. वहीं, अधिकारियों का कहना था कि पुलिस समय से पहुंच गई थी.
एसएसपी को सौंपी गई थी जांच की जिम्मेदारी: आरोपों के मद्देनजर पटना एसएसपी को घटना की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हालांकि, जांच के दौरान एसएसपी ने कई बार पत्रकारों के सामने कहा कि पुलिस की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई.
पटना के जोनल आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि ”गांधी मैदान थाना प्रभारी राजेश कुमार को कर्तव्य में लापरवाही पाये जाने के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है”…
सबसे बड़ी बात यह है कि राजेश कुमार को मार्च 2025 में लगभग 4 महीने पहले गांधी मैदान थाना की कमान सौंपी गई थी. उन पर क्षेत्र में विधि व्यवस्था कायम रखने की बड़ी जिम्मेदारी थी.
गौरतलब है कि 4 जुलाई को गांधी मैदान थाना क्षेत्र से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित घर के सामने बिजनेसमैन गोपाल खेमका की हत्या कर दी गई थी. गोपाल खेमका बांकीपुर क्लब से अपने घर लौटे थे…
बदमाश गेट के बाहर गोपाल खेमका का इंतजार कर रहा था. जैसे ही गोपाल खेमका की गाड़ी घर के गेट के पास पहुंची. वैसे से आरोपी दौड़कर गाड़ी के पास गया और गोपाल खेमका को गोली मार दी.
