पटना : प्रधानमंत्री के बिहार दौरे पर सवाल खड़ा करते हुए राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने जानना चाहा है कि आखिर चुनाव के समय हीं उन्हें बिहार क्यूं याद आता है । उन्हें बताना चाहिए कि अपने पिछले दौरे में बिहार के लिए जो – जो वादे और घोषणाएं किए, उन वादों और घोषणाओं का क्या हुआ ?
राजद प्रवक्ता ने कहा कि 27 फरवरी 2023 को विधानसभा के सेन्ट्रल हॉल में विधायकों को सम्बोधित करते हुए केन्द्र सरकार पर बिहार की हकमारी करने और इसके हिस्से की राशि को भी नहीं देने का आरोप लगाया था। उसके बाद अनेकों बार प्रधानमंत्री बिहार आए पर उनके द्वारा अभी तक नीतीश कुमार जी के आरोपों का कोई जवाब नहीं दिया गया है।
2015 में प्रधानमंत्री ने आरा की एक सभा में बिहार की बोली लगाई थी, उसका क्या हुआ ? लम्बे दिनों से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और स्पेशल पैकेज दिए जाने की मांग की जा रही है। क्या प्रधानमंत्री कल इसकी घोषणा करेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री जी से सार्वजनिक मंच से पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की मांग की थी, क्या प्रधानमंत्री कल इसकी घोषणा करेंगे ?
राजद प्रवक्ता ने उम्मीद जताया है कि प्रधानमंत्री जी अपने बिहार दौरे के क्रम में यह भी बताने की कृपा करेंगे कि अपने 11 वर्षों के शासनकाल में बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में क्या पहल किया गया और अबतक विकसित राज्य गुजरात की तुलना में आबादी और क्षेत्रफल में बड़ा होते हुए भी विकास के हर क्षेत्रों में पिछड़ा बिहार को क्या दिया गया।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि प्रधानमंत्री के बिहार दौरे को बिहार के लोग अब गंभीरता से नहीं लेते हैं और न उसके प्रति कोई उत्साह हीं रह गया है। वे समझ गए हैं कि उनके वादे और घोषणाएं अन्ततः जुमला हीं साबित होने वाला है। बिहार के लोग प्रधानमंत्री के दोरे को मात्र इवेंट शो के रूप में देखने के आदी हो चुके हैं।
