पटना : बिहार में आकाशीय बिजली से हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है. इस साल भी मानसून के शुरुआती दौर में ही 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. बिहार सरकार की तरफ से ऐसे सभी मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद दी जा रही है, साथ ही आकाशीय बिजली से रोकने के लिए कई आधुनिक तरीके भी अपनाये जा रहे हैं.
बिहार में डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग के आंकड़ों को ही देखें तो 2017 से 2022-23 के बीच हर साल 271 मौत और 58 लोगों के घायल होने की घटना होती रही है. बिहार में हर साल 10 लाख लोगों में 2.65 लोगों की मौत बिजली गिरने की घटना से हुई है.
यह राष्ट्रीय औसत 2.55 मौतों से भी अधिक है. बिहार में बिजली गिरने की सर्वाधिक घटनाएं दक्षिण और पूर्वी हिस्से में होती रही हैं. अधिकांश ग्रामीण इलाकों में 11 से 15 साल के लड़के और 41 से 45 साल के पुरुष इसके सबसे अधिक शिकार होते हैं. मई से सितंबर के बीच सबसे अधिक मौत बिजली गिरने से होती है.
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. कुछ जिलों में सायरन बजाकर भी इसे रोकने की कोशिश की गई है. पटना, गया, औरंगाबाद में इसका प्रयोग किया गया.
हालांकि सफलता नहीं मिली. मोबाइल पर मैसेज भी भेज कर लोगों को जागरूक करने की कोशिश हो रही है. 14 करोड़ से अधिक मैसेज भेजा गया लेकिन उसका भी लाभ नहीं हुआ.
