बिहार के दरभंगा के मनीगाछी प्रखंड के चनौर में हुई केशव चौधरी की हत्या ने सूबे के सुशासन राज के सच को सामने लाने दिया है.. केशव चौधरी हत्याकांड में 10 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई पुलिस की ओर से नहीं हुई है.. मृतक केशव चौधरी की विधवा मां व पीड़ित परिवार शासन व प्रशासन से इस मामले में इंसाफ की गुहार लगाते फिर रहा है…
इस सिलसिले में बिहार विधानपरिषद के मॉनसून सत्र के चौथे दिन प्रश्नोत्तर काल में कांग्रेस MLC प्रेमचंद्र मिश्रा ने इस मामले को लेकर सदन में सवाल खड़े किए.. प्रेमचंद्र मिश्रा ने सरकार के समक्ष इस हत्याकांड से जुड़े तमाम सवालों को रखा.. उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को केशव चौधरी की हत्या कर आत्महत्या करार देने की कोशिश की जा रही है..
प्रेमचंद्र मिश्रा ने सवाल करते हुए कहा कि केशव चौधरी की निर्मम हत्या कर दी गई बावजूद पुलिसिया कार्रवाई बहुत शिथिल है.. पीड़ित परिवार डर के साए में जीने को मजबूर हैं.. इसलिए इस निरीहं व गरीब परिवार को सुरक्षा के साथ साथ 20 लाख मुआवजे देने पर सरकार गंभीर विचार करे.. साथ ही मृतक को इंसाफ दिलवाने की कृपा करे..
वहीं मदन मोहन झा ने भी इस मामले को गंभीरता से लेने की सरकार से आग्रह की.. साथ ही उचित कार्रवाई के साथ पीड़ित परिवार को हर संभव मदद करने का आग्रह किया..
सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि इस मामले में पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है.. गांव में लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की जा रही है.. इस मामले में अभी 5 आरोपी की गिरफ्तारी की गई है साथ ही मामले की अनुसंधान जारी है… वहीं मंत्री ने 20 लाख मुआवजे देने के सवाल पर कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रावधान नहीं है..
