जिनके कंधे पर कानून व्यवस्था का पालन करवाने का दायित्व हो और उनके कार्यलय में ही कानून की धज्जियाँ उड़ता नज़र आए तो आप सहज सोचने को विवश हो जाएंगे उस क्षेत्र में कैसा होता होगा लॉक डॉउन का पालन।जी हाँ ये दृश्य बेगूसराय सदर अनुमंडल कार्यलय का है का जहाँ लॉक डॉउन की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है
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बहुत सा ऐसे लोग भी नज़र आएंगे जिनके चेहरा पर मास्क भी नज़र नही आते हैं।बेगूसराय के सदर अनुमंडल कार्यलय में आज लोगों ने जमकर लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाई हैं। हालांकि इस दौरान लोगों ने सदर एसडीएम कार्यालय से अवैध तरीके से पास निर्गत करने का आरोप भी लगाया है।
कई लोग अपनी पहुँच और दबंगता के कारण कई दिनों से दर्जनों पास निर्गत करवाते आ रहे हैं,कुछ लोगों के लिए कमाई का भी जरिया हो चुका है।जिस तरह बिहार सरकार के वरीय अधिकारियों का दिशा निर्देश है उन्ही लोगों को पास निर्गत किया जाए जिनको आवश्यक हो।मगर सदर अनुमंडल कार्यलय में इस नियम को ताख पर रख कर इस तरह से कार्य हो रहा है।कुछ लोग थोक भाव से पास लाते हैं कुछ लोग सत्ता की सनक के रूप में पास बनवा कर निकलते हैं तो कुछ वरीय अधिकारियों की पहुँच पर।लेकिन उक्त मामले में कोई भी आम आदमी या सरकारी पदाधिकारी कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि आवश्यक कार्य हेतु पास निर्गत करने का आदेश बेगूसराय के डीएम के द्वारा सदर एसडीएम को दिया गया था लेकिन कार्यालय कर्मियों के द्वारा इसका दुरुपयोग किया जाने लगा। जिसके बाद डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बिना जांच-पड़ताल के पास निर्गत करने से सदर एसडीएम को मना कर दिया था।हालांकि जिलाधिकारी के द्वारा पास निर्गत करने में भी सदर अनुमंडल कार्यलय में पालन नही हो पा रहा है..
।कुछ लोगों को देखा गया कि देर शाम अंधेरा का लाभ लेकर अपने हाथों दर्जनों पास हेतु आवेदन लेकर आते हैं और अंधेरा का लाभ उठाते हुए चुपचाप फायदा लेकर निकल पड़ते हैं।लेकिन जो भी हो जिस तरीके से एसडीएम कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं वह कहीं न कहीं सोचने का विषय है।
धनंजय झा बिहार नाउ बेगूसराय
