बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 89 विधायकों और 22 विधान पार्षदों की बैठक पटना में शुरू हो चुकी है। बैठक में विधानमंडल दल के नेता का चुनाव होगा, जो आम तौर पर सरकार में उप-मुख्यमंत्री बनते रहे हैं।
पिछली बार सम्राट चौधरी नेता और विजय कुमार सिन्हा उप-नेता बने थे और दोनों को नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम पद मिला था। सम्राट विधान परिषद और विजय विधानसभा में पार्टी के नेता थे। सबकी नजर इस बात पर है कि इस बार जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार की अगुवाई में बनने जा रही 8वीं एनडीए सरकार में बीजेपी कितने और किसे डिप्टी सीएम बनाती है।
बीजेपी से डिप्टी सीएम पद की रेस में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय और सम्राट चौधरी का नाम आगे चल रहा है। लेकिन बीजेपी चौंकाने में कोई कमी नहीं रखती है, इसलिए कोई तीसरा और नया नाम भी सामने आने की संभावना बनी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आज किसका दिन मंगल होता है और कौन भाजपा का सम्राट बनता है।
भाजपा ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को पर्यवेक्षक, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल व पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को सह-पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा है। बिहार चुनाव के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और बिहार के पार्टी प्रभारी विनोद तावड़े भी पटना में हैं। पर्यवेक्षकों की टीम में ओबीसी और दलित का मिश्रण संकेत दे रहा है कि नेता यानी डिप्टी सीएम किसी और बिरादरी से हो सकता है।
