मुजफ्फरपुर में गुडों के आगे नतमस्तक हो चुकी है पुलिस… इस घटना से तो यही प्रतीत हो रहा है|यह कैसा लॉ एंड ऑर्डर है जहां अपराधियों के बारे में सूचना देने के बाद भी पुलिस सक्रीय नहीं हो पाती है और सुरक्षित नहीं रह पाते हैं आम आदमी…? क्या इस क्रियाकलाप को ये मां लिया जाय कि अपराधियों को संरक्षण देने में लगी है पुलिस या अपनी-अपनी जान का भय है…?
बता दें कि आज ये सारे सवाल इस लिए उपज रहा है कि DGP से लेकर मुजफ्फरपुर प्रशासन तक पीड़ित अथवा मृतक ने कई गुहार लगाए, फेसबुक विडियो जारी कर सुरक्षा देने की मिन्नतें करता रहा लेकिन प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगा और अंत में शुक्रवार की रात में अपराधियों ने विनीत को मौत के घाट उतार ही दिया|
मुजफ्फरपुर पुलिस हत्यारे को पकड़ने के बजाय जीरो माइल पर लगे जाम को छुड़ाने का हवाला दे कर अपना पल्ला झाड लिया|
बता दें कि शुक्रवार की रात पुलिस को चैलेंज देकर अपराधियों ने विनीत की हत्या कर दी, जिसके विरोध में आज आक्रोशित लोगों ने जाम कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है|
आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर के अहियापुर में विनीत नाम के लड़के की शुक्रवार को अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस विनीत ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए डीजीपी साहेब से फेसबुक पर लाइव कर गुहार लगाई थी| विनीत ने अपने फेसबुक लाइव में मुजफ्फरपुर पुलिस के कारनामे की सारी पोल खोलकर रख दी थी|
विनीत ने फेसबुक लाइव में डीजीपी से कहा था कि कैसे मुजफ्फरपुर पुलिस अपराधियों को बचा रही है| साथ ही विनीत ने इस वीडियों में बिहार मुजफ्फरपुर पुलिस के निकम्मेपन की पूरी कहनी भी बताई थी| विनीत ने वीडियो में साफ तौर पर कहा था कि कैसे अहियापुर थाना की पुलिस गुंडों के साथ खड़ी है.
विनीत के घर वालों का साफ तौर पर आरोप है कि इस हत्या के लिए पुलिस जिम्मेदार है| घर वालों का कहना है कि विनीत ने डीजीपी तक बात पहुंचाने की कोशिश की लेकिन उसके बाद भी पुलिस महकमा हरकत में नहीं आया और अपराधियों ने शुक्रवार की रात विनीत की गोली मारकर हत्या कर दी|
