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UPSC 2023 कटऑफ 90+ या -3 के आसपास रहने की संभावना, विस्तृत नि:शुल्क Counselling के लिए छात्र दिए गए नंबर पर‌ कर सकते हैं कॉल…

UPSC के रिजल्ट आने के बाद तैयारी कर रहे छात्रों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.. छात्रों के कुछ ऐसे ही बुनियादी सवालों के रिजोल्यूशन को लेकर चाणक्या आईएएस एकेडमी ने खास पहल की है … चाणक्या आईएएस एकेडमी के रीजनल डायरेक्टर कृष्णा सिंह ने कुछ सुझाव व मार्गदर्शन छात्रों के लिए साझा किए हैं…

प्रश्नों को देखने से लग रहा है कि इस वर्ष प्रशनों की प्रकृति में बदलाव देखने को मिल रहा है.. पूर्व वर्ष की तुलना में थोड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है..

  •  प्रश्न विषयीमूल अवधारणा से संबंधित तो हैं ही साथ ही कई प्रश्नों को करेंट में घटित घटनाओं से जोड़कर बनाया गया है…
  • जिस तरह से विकल्प निर्धारित किए गए थे, उसमें उल्लेखनीय बदलाव आया है… यह साल प्रीलिम्स के दौरान देखा गया था , हालांकि इस बार लगभग 50% प्रश्नों के विकल्प उसी पैर्टन पर सेट किए गए थे … इस वजह से ऑप्शन एलिमिनेशन तकनीक से बेमानी हो गई है…
  •  पिछले वर्ष के रुझानों को जारी रखते हुए, राजनीति, पर्यावरण और भूगोल में वैचारिक प्रश्न पूछे गए थे जिन्हें पारंपरिक इस श्रोतों से माध्यम से आसानी से कवर किया जा सकता है… हांलाकि अर्थव्यवस्था और विज्ञान जैसे विषयों में प्रश्न क्रमशः अधिक समसामयिक और अनुप्रयोग आधारित थे … अर्थव्यवस्था की तरह, केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बारे में सवाल पूछा गया था… जो पूरे साल खबरों में रहा …इसी तरह विज्ञान में, प्रश्न उन विषयों पर आधारित थे, जो सूक्ष्म-उपगृह डीएनए जैसे अनुसंधान में है …
  • यदि प्रश्नों की स्थिति देखें तो सबसे ज्यादा परिवर्तन इतिहास के प्रश्नों में रहा, जहां अधिकांश प्रश्न प्राचीन भारत के कोर सिलेबस से पूछे गए यहां कुल प्रश्नों को देखा जा सकता है… कुल 13 प्रश्नों में आठ प्राचीन भारत से है, जिसमें इतिहास के श्रोत, पुरातत्व मंदिर स्तूप, पुस्तक, धर्म, सिद्धांत के साथ-साथ संगम काल से भी दो प्रश्न पूछे गए हैं.. वहीं मध्य काल से तीन प्रश्न है जो सामान्य है और आधुनिक काल से मात्र दो प्रश्न है … आजकल यह ट्रेंड हो गया था कि विद्यार्थी ज्यादातर आधुनिक भारत पर ध्यान देते थे .. लेकिन पिछले तीन चार वर्षों से धीरे धीरे करके प्राचीन भारत से प्रश्नों की संख्या बढ़ रही थी … तथा मध्य काल से भी 2-3 प्रश्न पूछे जा रहे थे अत: ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने प्राचीन और मध्य भारत की पढ़ाई ठीक से नहीं की होगी, उन्हें इतिहास के क्षेत्र में काफी परेशानी हुई होगी…
  •  दूसरा सेक्शन पर्यावरण है जहां से गूढ़ फैक्चुअल प्रश्न पूछ लिए गए हैं.. यहाँ भी विद्यार्थियों को दिक्कत हुई होगी… पर्यावरण से 10 प्रश्न दिखाई दे रहे हैं… जबकि विज्ञान एवं तकनीकि के साथ मिलाने पर‌ इसकी संख्या लगभग 22 तक चली जाती है.. अर्थशास्त्र के सेक्शन से लगभग 21 प्रश्न हैं, जो मूल रूप से करेंट बेस्ड है और सभी जगहों से प्रश्न पूछे गए हैं.. जैसे आयात-निर्यात, सूक्ष्म-लघु, उद्योग, बैंकिंग आपदा, स्वयं सहायता समूह, रिजर्व बैंक नीति आदि…जैसे प्रश्न पहले पूछे जाते थे इस सेक्शन में कमोबेश उसी प्रकार के प्रश्न हैं लेकिन विकल्पों में युग्म समाहित करके इसे थोड़ा मुश्किल कर दिया गया है..
  • जियोग्राफी के सेक्शन में लगभग 20 प्रश्न पूछे गए हैं… ये अधिकांश प्रश्न विषयीमूल अवधारणा से संबंधित है…जिसमें NCERT को बेस बनाकर फिजिकल जियोग्राफी, रीजनल जियोग्राफी, आर्थिक भूगोल और परिवहन सभी क्षेत्रों से प्रश्न पूछे गए हैं… जिनको जियोग्राफी की समझ है उनके लिए ये प्रश्न बहुत कठिन नहीं होंगे… लोकेशन और मैपिंग से लगभग 6 प्रश्न पूछे गए थे जो वर्तमान घटनाओं से जुड़े हुए थे …
  • पॉलिटी से लगभग 15-16 प्रश्न हैं जिसमें इन प्रश्नों में एक अच्छी स्थिति दिख रही है… जेनरल एडमिनिस्ट्रेसन से भी प्रश्न पूछे गए हैं जैसे होमगार्ड पुलिस से संबंधित, जेल से संबंधित… साथ ही संविधान के व्यापक क्षेत्र को सम्मलित किया गया है जिसमें संविधान दिवस, केंद्र राज्य संबंध, विधि संबंधी प्रकिया, संविधान संशोधन आयोग, वित्त विधेयक, मूल अधिकार, अनुसूचित क्षेत्र और राष्ट्रपति निर्वाचन आदि से‌ संबंधित प्रश्न हैं… ये प्रश्न मिले-जुले प्रकार के हैं… कुछ प्रश्न कठिन दिख रहे हैं .. कुछ प्रश्न थोड़े कठिन हैं …
  • करेंट अफेयर्स की अगर बात की जाए, तो पारंपरिक विषयों के अलावा, अंतर्राष्ट्रीय मामलों जैसे जी-20, सतरंज, ओलंपियाड जैसे खेल और अर्जुन पुरस्कार जैसे पुरस्कारों से भी प्रश्न पूछे गए थे …. ये प्रश्न अपेक्षित प्रश्न हैं, जो पिछले वर्ष समाचार में बने रहे … यदि विद्यार्थियों ने पिछले वर्ष के समाचार पत्रों को‌ ठीक से पढ़ा होगा, तो इस सेक्शन में बहुत दिक्कत नहीं हुई होगी…
  • राष्ट्रीय योजनाओं से संबंधित भी दो प्रश्न दिखाई दे रहे हैं जैसे जननी सुरक्षा योजना और एनिमिया मुक्त संकल्पना से संबंधित… कुल‌ मिलाकर कहा जाए तो जिन टॉपिकों से प्रश्न बनाए गए हैं, वे तो बहुत मुश्किल टॉपिक नहीं है… लेकिन प्रश्नों की प्रकृति और बहु यग्मों में उसके उत्तर विद्यार्थियों को परेशान कर गए होंगे। अत: कटऑफ की बात की जाए तो 90+  या -3 के आसपास कटऑफ रहने की संभावना है..
  • दूसरे पेपर CSAT की बात की जाए तो यह क्वालिफाइंग नेचर का पेपर होता है.. प्रश्न पिछले वर्ष की तरह थे जो विद्यार्थी प्रीवियस प्रश्नों की पद्धति को समझते हुए तैयारी किए होंगे वो काफी अच्छी स्थिति में होंगे… ज्ञातव्य है कि इस बार के प्रिलिम्स में जितने भी प्रश्न पूछे गए वो चाणक्या आईएएस एकेडमी के प्रीलिम्स टेस्ट सिरीज और क्लासरूम प्रोग्राम में अच्छे से कवर किए गए थे… संस्थान हमेशा से सिविल सर्विसेज परीक्षाओं में अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए जाना जाता है… हाल ही में प्रकाशित UPSC 2022 के अंतिम परिणाम में संस्थान के बहुत बड़ी संख्या में छात्रों ने सफलता अर्जित की है … साथ ही 66 वी बीपीएससी परीक्षा में संस्थान ने 138  छात्रों की सफलता में प्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण योगदान दिया है…गौरतलब है कि संस्थान के बोरिंग कैनल रोड व बेली रोड के अलावा पटना में तिसरी शाखा बोरिंग रोड चौराहा पर  बहुत जल्द शुरू होने जा रही है… विस्तृत नि:शुल्क Counselling के लिए छात्र 7303763226 या 7838398368 पर‌ कॉल कर सकते हैं…

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