शिक्षक बहाली में बदलाव को लेकर शिक्षा मंत्री के दिए गए बयान पर भारी बवाल मचा हुआ है … छात्र संघ व शिक्षक संघ के नेता ने शिक्षा मंत्री को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है.. बिहार सरकार ने शिक्षक बहाली में डोमिसाइल नीति को खत्म कर दिया है. इससे शिक्षक अभ्यर्थी काफी आक्रोशित हैं और अभ्यर्थियों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि 72 घंटे के अंदर शिक्षक बहाली में डोमिसाइल नीति लागू की जाए.
अन्यथा प्रदेश के 10 लाख से अधिक शिक्षक अभ्यर्थी सड़क पर उतर कर सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा देंगे. शिक्षक अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के बयान से भी काफी नाराज हैं.
‘चंद्रशेखर का बयान बिहारी प्रतिभा का अपमान’ : चंद्रशेखर ने बयान दिया है कि बिहार में मैथ और साइंस के योग्य शिक्षक अभ्यर्थी नहीं हैं. इस वजह से पूरे देश से आवेदन आमंत्रित करना पड़ा है.
शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षा मंत्री ने ऐसा बयान देकर बिहार की प्रतिभा का अपमान किया है. बिहार चाणक्य, आर्यभट्ट, वशिष्ठ नारायण सिंह, आनंद कुमार, केसी सिन्हा जैसे शिक्षाविदों की धरती रही है. दिल्ली के मुखर्जी नगर और कोटा में 90% शिक्षक बिहारी होते हैं. यह शिक्षा मंत्री को पता होना चा
शिक्षक अभ्यर्थी अभिषेक कुमार झा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चेतावनी देते हुए कहना चाहेंगे कि सरकार को शिक्षक अभ्यर्थी 72 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं और इस 72 घंटे के अंदर शिक्षक बहाली में डोमिसाइल नीति को लागू किया जाए. बिहार में कोई उद्योग धंधा नहीं है और यहां पब्लिक सेक्टर में ही रोजगार का एकमात्र ऑप्शन बचता है, वह भी छीनने कोशिश की जा रही है. शिक्षक बहाली में डोमिसाइल नीति खत्म किए जाने के फैसले का सभी शिक्षक अभ्यर्थी कड़ा विरोध करेंगे.
