बिहार में पुलों के गिरने का सिलसिला जारी है .. नीतीश सरकार के तमाम दावों, दलीलों और कार्रवाई के बीच आज फिर मोतिहारी में एक पुल ध्वस्त हो गया …गिरते हुए पुलों पर बिहार में सियासत भी जारी है …
लगातार गिर रहे पुलों को लेकर पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं … नीतीश सरकार के मंत्री अशोक चौधरी सहित कई NDA के नेताओं ने पुल गिरने का जिम्मेदार तेजस्वी यादव और उनके कार्यकाल को ठहराया, तो वहीं तेजस्वी यादव ने NDA के आरोपों को खारिज करते हुए आज नीतीश कुमार को खुला चैलेंज किया है …
आज फिर बिहार में एक पुल गिरने के बाद तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश को चैलेंज करते हुए कहा है कि पिछले 19 दिनों में 13 पुल गिरे हैं, ऐसे में गिरने वालों पुलों का टेंडर किसके कार्यकाल में हुआ , स्पष्ट बिहारवासियों को बताएं, नहीं तो….
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को चैलेंज करते हुए क्या कुछ कहा , पढ़िए…
बिहार में आज फिर एक पुल का गिरना तथा बीते 𝟏𝟗 दिन में कुल 𝟏𝟑 पुलों का पानी में बह जाना नीतीश सरकार में फैले संस्थागत भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष दृष्टांत है।
हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते है कि वो बिहारवासियों को बताएँ की:-
𝟏. गिरने वाले पुलों की स्वीकृति कब हुई और किसने दी?
𝟐. गिरने वाले पुलों का टेंडर कब, किसके कार्यकाल में हुआ?
𝟑. गिरने वाले पुलों का शिलान्यास कब और किसने किया?
𝟒. गिरने वाले पुलों का उद्घाटन कब और किसने किया?
𝟓. महज 𝟏𝟗 दिन में 𝟏𝟑 पुलों के गिरने से जनता की कुल कितनी गाढ़ी कमाई पानी में बह गयी?
अगर मुख्यमंत्री जी इन आँकड़ों को सार्वजनिक नहीं करते है तो स्पष्ट है कि ऊपर से लेकर नीचे तक सभी इस भ्रष्टाचारी व्यवस्था के संपोषक, संरक्षक, प्रायोजक और सांझेदार है।
