पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल किये जाने के बाद मोदी सरकार की षड़यंत्रकारी प्रवृति पर करारा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री समझते थे कि मोदी है तो मुमकीन है इसलिए तरकीब लगाकर भारत के संसदीय व्यवस्था में सेंध लगा पायेंगे, न्याययिक व्यवस्था को ठगने में कामयाब हो जायेंगे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बता दिया कि यह मुमकीन नहीं।
इस देश में कानून का राज चलता है कोई कितना भी अहंकारी शासक क्यों न हो न्याय की चौखट पर फिसड्डी साबित होता है। मोदी जी इस बात को भूल गये थे इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें आईना दिखाया।
डा0 सिंह ने राहुल के संसद वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि संसद में फिर से मोदी को राहुल जी के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा, जिससे भागने के लिए उन्होंने हर तरकीब अपनायी।
उन्होंने कहा कि मोदी ने राजनीति दुष्चक्र रचकर राहुल जी की सदस्यता खत्म करवायी थी। उन्होंने आगे कहा कि षडयंत्र से सच्चाई नहीं छुपती। अब मोदी जी के पूंजीपति मित्रों का कच्चा चिट्ठा संसद में खुलेगा और मोदी, अडानी सांठ-गांठ के पीछे की कहानी देश जान पायेगा।
डा0 सिंह ने अपने संदेश में कहा कि आज लोकसभा स्पीकर द्वारा राहुल जी की सदस्यता बहाल किये जाने के बाद यह साबित हो गया कि भारत के संसदीय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करना मोदी की कुटिल चाल थी जो नाकाम हो गया।
उधर आज राहुल गांधी की संसद वापसी की खबर आते ही पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में एकत्रित कांग्रेसियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। वहां एकत्रित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर और राहुल के समर्थन में नारे बुलंद कर अपनी खुशी का इजहार किया।
इस जश्न में शरीक होने वाले नेताओं में ब्रजेश पाण्डेय, निर्मल वर्मा, ब्रजेश प्रसाद मुनन, लाल बाबू लाल, ज्ञान रंजन, अबू तमीम, संतोष कुमार श्रीवास्तव, मृणाल अनामय,सरदार गुरदयाल सिंह,विमलेश तिवारी, निधि पाण्डेय इत्यादि।
