BPSC 70th re-exam को लेकर रविवार (29 दिसंबर) को पटना के गांधी मैदान में छात्र संसद लगाया जायेगा. इसमें री एग्जाम की मांग कर रहे बीपीएससी अभ्यर्थी भी शामिल होंगे. इस बात की घोषणा छात्र के साथ साथ जन सुराज के प्रमुख प्रमुख प्रशांत किशोर ने किया. लेकिन अब प्रशांत किशोर के छात्र संसद पर ग्रहण लगते नजर आ रहा है …
पटना जिला प्रशासन ने प्रशांत किशोर को छात्र संसद लगाने की अनुमति नहीं दी है … पटना जिला प्रशासन ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि आपका पत्राक-जे एस०पी०/018/2024 दिनांक-28 12 2024 आज सध्या 05.30 बजे प्राप्त हुआ, जिसके प्रसग मे निर्देशानुसार सूचित करना है कि-
1 गाधी मैदान में गाधी मूर्ति के समक्ष किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाती है।
2 गाधी मैदान में किसी भी प्रकार के आयोजन से सबंधित आरक्षण की अनुमति आयुक्त, पटना प्रमडल, पटना के कार्यालय से विभिन्न विभागों / थाना से अनापत्ति प्राप्त कर दी जाती है। इसके लिये न्यूनतम 45 दिन पूर्व आवेदन दिया जाना आवश्यक है।
3. उल्लेखनीय है कि वर्तमान में गाधी मैदान में डिजनीलैंड मेला एवं काश्मीरी ऊलेन मेला का आयोजन हो रहा है. इसके अतिरिक्त कृषि विभाग, बिहार सरकार द्वारा बागवानी महोत्सव की तैयारियों चल रही है। साथ ही सरस मेला समाप्ति के उपरात अस्थायी सरचना को हटाये जाने का कार्य चल रहा है। इस कारण गाधी मैदान में पर्याप्त खाली स्थान उपलब्ध नहीं है।
उपर्युक्त परिस्थिति में अत्यल्प सूचना पर आयोजित किये जाने वाले उक्त कार्यकम हेतु अनुमति एवं अन्य सहायता और सहयोग प्रदान करना संभव नहीं है।
बता दें कि प्रशांत किशोर ने छात्रों की उपस्थिति में कहा कि रविवार को गांधी मैदान में गांधी जी की मूर्ति के नजदीक छात्र संसद लगाया जाएगा. इसमें सभी छात्र भाग लेंगे और वही हम लोग आगे की रणनीति पर विचार करेंगे. इसके बाद हम अपने आंदोलन की रणनीति भी तय करेंगे. छात्रों से बात करने के बाद प्रशांत किशोर ने इस बात की घोषणा किया. प्रशांत किशोर और छात्रों ने उन सभी लोगों को इस सांसद में आने का न्यौता दिया जो इस आंदोलन का अपना समर्थन दे रहे हैं या फिर देना चाह रहे हैं.
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में कोई भी एग्जाम नहीं है जो बिना किसी अनियमितता, भ्रष्टाचार, पेपर लीक के हो जाए. उन्होंने आगे कहा कि कल पटना के गांधी मैदान में हम सभी लोग साथ में बैठकर एक साथ छात्र संसद में आगे की योजना को तय करेंगे, ये तय किया जाएगा कि कैसे बिहार के बच्चों के भविष्य को पुलीस की मनमानी से बचाया जा सके. जो भी निर्णय लिया जाएगा उस पर हम सभी लोग पूरी ईमानदारी से छात्रों के साथ खड़े रहेंगे.
यह आंदोलन छात्रों का है इसका नेतृत्व भी छात्रों का ही रहेगा, इस आंदोलन में हमारी भूमिका सिर्फ इतनी है कि हम छात्रों के साथ अपनी पूरी ताकत से खड़े रहेंगे, अगर पुलिस प्रशासन छात्रों को किसी प्रकार से डराने व धमकाने का कोई प्रयास करेगा तो हम जन सुराज की ओर से और बिहार के नागरिक होने के नाते अपनी पूरी ताकत से छात्रों के साथ खड़े रहेंगे.
