बिहार में पहली बार ग्रीन बजट पेश किया गया है. बजट में पर्यावरण संगरक्षण पर जोर दिया गया है. सुशील मोदी ने बतौर वित्त मंत्री 13 वीं बार बजट पेश किया है. जल जीवन हरियाली अभियान को बजट का अहम अंग माना गया है.बिहार सरकार शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च करेगी . सरकार सूखा पीड़ित हर परिवार को 3000 रुपये देगी … डीजल अनुदान राशि को 50 से 60 रुपये किया गया.
सुशील मोदी ने कहा 14 सालों में करीब 10 गुना बजट हुआ है. हमारा लक्ष्य अंधकार से प्रकाश की ओर है…
वित्त मंत्री ने बताया कि 2020-21 में सबसे अधिक शिक्षा पर खर्च होगा। उन्होनें 35,191 करोड़ शिक्षा पर खर्च का एलान किया है। वहीं सड़को पर 17435 करोड़ खर्च होंगे। सूखा पीड़ित किसानों के खातों में पैसे भेजे गए हैं।डीजल अनुदान की राशि 50 से बढ़ा कर 60 रुपये कर दिया गया। बिहार देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां 31 मार्च कर हर घर नल का जल पहुंचेगा और गली-नाली का पक्कीकरण कर लिया जाएगा।
सुशील मोदी ने कहा कि बिहार अंधकार से प्रकाश की ओर जा रहा है। राज्य के सभी 39073 गावों और सभी टोलों तक बिजली पहुंचाया है। बिहार में एक करोड़ 58 लाख बिजली उपभोक्ता बन चुके हैं। वहीं उन्होनें अलकतरा घोटाला का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में सड़कों का अलकतरा ही गायब कर दिया गया था। लेकिन अब सरकार ने सड़कों का जाल बिछा दिया है। पीएम का बिहार पैकेज एक लाख 25 हजार करोड़ के तहत 53 हजार करोड़ सड़क में लगायी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 38 कॉलेजों में इजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू कर दी गयी है। वहीं उन्होनें बताया कि पिछले 15 वर्षों में बिहार में 15 मेडिकल कॉलेज खोले हैं।
लगातार तीन सालों तक भारत ने सबसे ज्यादा विकास दर हासिल किया. राष्ट्रीय स्तर पर बिहार में प्रति व्यक्ति आय में इजाफा होता है. सुशील मोदी ने एक शेर का भी जिक्र किया ‘हर बार चुनौतियों को ऐसे हराते हैं हम, जख्म जितना भी गहरा हो मुस्कुराते हैं हम’.
