राजद सुप्रीमो लालू यादव के करीबी और तेजस्वी यादव के खास विधायक आलोक मेहता पर इंडी ने शिकंजा कसा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आलोक मेहता के 16 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की है.
दरअसल, मामला वैशाली कोऑपरेटिव बैंक से जुड़ा है. बताया जा रहा है कि इसमें करोड़ों रुपए के लेन देन की जांच हो रही है. मिली जानकारी के अनुसार, वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोपों के तहत ईडी ने यह कार्रवाई की है.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता के पटना, वैशाली, समस्तीपुर से लेकर कोलकाता, वाराणसी और दिल्ली के ठिकानों पर रेड की है. बताया जा रहा है कि ईडी ने पटना में राजद विधायक के सरकारी और निजी आवास दोनों पर हो रेड मारी है.
आलोक मेहता महागठबंधन की सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. ऑपरेटिव बैंक के पहले मंत्री अलोक मेहता और उनके पिता चेयरमैन बने.
आलोक मेहता लगभग 20 साल तक इस बैंक के चेयरमैन रहे थे. सूत्रों ने बताया कि खुलासा हुआ है कि लिच्छवि कोल्ड स्टोरेज Pvt Ltd और महुआ कोऑपरेटिव कोल्ड स्टोरेज नाम की दो कंपनियों ने बैंक के करीब 60 करोड़ का गबन किया है.
