मुजफ्फरपुर जिला के सुस्ता गांव में छापेमारी के दौरान 4 हज़ार से ज्यादा रैपिड एंटीजन जांच किट बरामद किया गया है. इसके अलावा भारी मात्रा में पीपीई किट, सर्जिकल मास्क, सैनिटाइजर, जांच घर में उपयुक्त कीमती माइक्रोस्कोप, स्लाइड और केमिकल भी जब्त किया गया है.
बताया जा रहा है मामला मुजफ्फरपुर जिले के सकरा का है। जहां कोरोना के जांच और इलाज से संबंधित दवा और और अन्य सामग्रियों की कालाबाजारी का खुलासा हुआ है. यह कालाबाजारी कोई और नहीं बल्कि सदर अस्पताल और सकरा रेफरल अस्पताल में तैनात कर्मचारी ही कर रहे थे. इस गिरोह में सरकारी एंबुलेंस के कई चालक भी शामिल हैं. ये सभी मिलकर सरकारी मेडिकल सामग्री को चुराकर खुले बाजार ऊंचे दाम पर बेचा करते थे.
इस रैकेट में जिले के कई निजी अस्पताल और निजी जांच घर भी शामिल हैं. पुलिस ने कालाबाजारी के मुख्य सरगना लव कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जो सदर अस्पताल में संविदा पर तैनात लैब टेक्नीशियन है. लव की निशान देही पर उसके ससुराल सकरा के सुस्ता गांव से 4 हज़ार से ज्यादा रैपिड एंटीजन जांच किट बरामद किया गया है. इसके अलावा भारी मात्रा में पीपीई किट, सर्जिकल मास्क, सैनिटाइजर, जांच घर में उपयुक्त कीमती माइक्रोस्कोप, स्लाइड और केमिकल भी जब्त किया गया है.
पुलिस की छापामारी के दौरान इस धंधे में शामिल लव कुमार का ससुर संजय ठाकुर फरार हो गया है। लेकिन कुल 5 कालाबाजारी की गिरफ्तारी हुई है। जिसमें सकरा रेफरल अस्पताल में तैनात अवधेश कुमार भी शामिल है. इसके अलावा तीन अन्य एंबुलेंस चालकों को भी गिरफ्तार किया गया है.
डीएसपी पूर्वी मनोज पांडेय ने बताया कि सकरा पुलिस को इस कालाबाजारी की गुप्त सूचना मिली थी कि सकरा थाना इलाके के सुस्ता निवासी संजय ठाकुर के घर से कोरोना जांच किट और पीपीई किट की कालाबाजारी हो रही है. जिसको लेकर छापेमारी की गई है कई फरार हो गए हैं कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया हैं।
चंदन चौधरी, बिहार नाउ, मुजफ्फरपुर
