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चुनाव आयोग के मंशा पर RJD ने खड़े किए सवाल!…आखिर मांगा गया ब्योरा देने में चुनाव आयोग को क्या परेशानी है ?

पटना : राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने चुनाव आयोग के मंशा पर सवाल उठाते हुए जानना चाहा है कि वह कौन सा कारण है जिसकी वजह से बार-बार आग्रह करने के बाद भी मतदाता प्रारुप से हटाए गए मतदाताओं की सूची श्रेणीवार ( कैटगरी वाइज ) नहीं दिया जा रहा है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित प्रारुप निर्वाचक सूची में जब लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और श्रेणीवार उनकी संख्या भी बताई है तो श्रेणीवार मतदाता केन्द्र सहित उनका नाम चुनाव आयोग क्यों नहीं बता रही है ? यह उपलब्ध हो जाने पर प्रमाणिक रूप से उसका सत्यापन हो पाएगा। चुनाव आयोग जिस सूची के बारे में राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने की बात कह रही है वह तो भेग है जिसमें नाम विलोपित करने का कारण हीं नहीं बताया गया है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि 1 अगस्त 2025 को इंडिया गठबंधन की ओर से बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में भी यह मांग की गई थी। पूर्व में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने भी बिहार के सीईओ से मिलकर यह मांग रखी थी, प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भी तेजस्वी जी ने यह मांग की थी। कल 5 अगस्त को राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल द्वारा भी सीईओ को पत्र ( पत्रांक 170- 15.8.25) लिखकर इस मांग को दोहराया था कि चुनाव आयोग श्रेणीवार यह बताए कि किनका नाम मृत के आधार पर, किनका नाम विस्थापित के आधार पर , किनका नाम डबलिंग के नाम पर और किन नामों का कोई अता-पता नहीं है के आधार पर विलोपित किया गया है। इस पत्र के संदर्भ में चुनाव आयोग द्वारा आज भेजे गए पत्र ( B1-3-45/2025-2886 दिनांक 6.8.25) में भी इसका जवाब न देकर केवल पुरानी बातों को हीं दोहराया गया है।

‌ राजद प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग से यह भी मांग की गई थी कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारुप में शामिल हैं उनमें कितनों ने वांछित दस्तावेज जमा किए हैं। साथ हीं चुनाव आयोग जो प्रतिदिन बुलेटिन जारी करती है उसमें भी इसका उल्लेख होना चाहिए कि कितने लोगों ने दस्तावेज जमा करवाए।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग का जो रवैया है उससे तो यही लगता है कि 65 लाख के अलावा अभी डेढ़ से दो करोड़ मतदाताओं के नाम दस्तावेज नहीं जमा करवा पाने के कारण प्रकाशित प्रारुप मतदाता सूची से विलोपित कर दिए जाएंगे और ऊपर से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जोड़े भी जाएंगे ।

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