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सीएम के जल जीवन हरियाली यात्रा से ठीक पहले भू-माफियाओं द्वारा पोखरी पर कब्जा करने की कोशिश ! …

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एक तरफ सूबे के मुखिया जल जीवन हरियाली को लेकर पूरे बिहार की यात्रा पर निकले हैं। तथा जगह-जगह पोखर, कुएं एवं जल जीवन हरियाली से संबंधित सभी चीजों की उराही एवं जीर्णोद्धार के लिए प्रशासनिक महकमे को लगा रखा है । इसी कड़ी में आज सीएम नीतीश कुमार बेगूसराय भी आने वाले हैं। लेकिन इससे पूर्व ही भू माफियाओं ने एक पोखर को ही गायब करने की साजिश रच डाली ।

क्या है पूरा मामला…

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येहै बेगूसराय का पॉश इलाका और बेगूसराय के नाक कहे जाने वाले वार्ड 40 का मोहल्ला। स्थानीय लोगों के अनुसार सैकड़ों वर्षों से यहां एक पोखर है जिसका सार्वजनिक रूप से पूरे मोहल्ले वासी एवं शहर के लोग उपयोग करते हैं। चाहे छठ पर हो या अन्य कोई पर्व त्योहार लोग धूमधाम से मिलजुल कर इस पोखर के किनारे उसको मनाते हैं । लेकिन 2 जनवरी की रात्रि कुछ एक भू माफियाओं के द्वारा रात के अंधेरे में सैकड़ों हाईवा के द्वारा इसमें मिट्टी डालकर इसको कब्जा करने की कोशिश की गई । सवेरे जब लोगों की आंख खुली और लोग मॉर्निंग वॉक के लिए बाहर निकले तो पोखर के बहुतेरे हिस्से को भरा हुआ पाया। फिर कानों कान यह खबर पूरे मोहल्ले में फैल गई । बाद में लोग जमा होने लगे और तब इसकी शिकायत प्रशासनिक पदाधिकारियों से भी की गई। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के बावजूद भी स्थानीय लोगों के द्वारा इस पोखर में डाली गई मिट्टी को जेसीबी एवं ट्रैक्टर के माध्यम से हटाया जा रहा है और पोखर को बचाने की कोशिश की जा रही है

– वहीं वर्तमान वार्ड आयुक्त प्रतिनिधि की माने तो नगर निगम भी इस मामले की जानकारी के बाद नगर निगम एवं निगम के पदाधिकारी भी सन्न रह गए और नगर निगम के मेयर उपेंद्र प्रसाद सिंह के द्वारा अज्ञात लोगों के विरुद्ध पोखर को हड़पने की साजिश का मुकदमा भी दर्ज करवाया गया । वर्तमान वार्ड पार्षद पति तुलानंद सिंह की माने तो सैकड़ों वर्षों से यह पोखर लोगों के उपयोग में आता रहा है और किसी भी हालत में भू माफियाओं के द्वारा इस पर कब्जा करने की साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। फिलहाल पोखर में डाली गई मिट्टी को वार्ड 40 में विभिन्न जगहों पर गिराकर पोखर का जीर्णोधार किया जा रहा है ।

अब यहां सवाल उठता है कि बिहार सरकार के सख्त निर्देश एवं जनउपयोगी जल जीवन हरियाली योजना में पोखर और कुओं के जीर्णोद्धार के बजाय प्रशासन के नाक के नीचे एक तालाब को गायब करने की साजिश की गई । लेकिन प्रशासनिक महकमे को कानों कान तक खबर नहीं लगी । इतना ही नहीं अभी भी प्रशासनिक उदासीनता साफ साफ देखी जा रही है । तो सवाल उठता है कि मुख्यमंत्री की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के संबंध में स्थानीय स्तर पर पदाधिकारी कितने गंभीर हैं यह बताने की जरूरत नहीं।

धनंजय झा, बेगूसराय, बिहार नाउ

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