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बिहार के बाहुबली विधायक पर कानून का शिकंजा !.. कई संगीन अपराधिक मामलों में बढ़ी मुश्किलें…

पटना: दानापुर से आरजेडी विधायक रीतलाल यादव, बिहार के इस बाहुबली (Danapur Bahubali Ritlal Yadav) का नाम तो आपने जरूर सुना होगा. बिहार की राजधानी पटना और दानापुर के लोग तो इस नाम परिचित होंगे. लोग बताते है कि सालों जेल में बंद रहने के बाद भी इलाके में इस बाहुबली का वर्चस्व कायम है.. . लेकिन RJD विधायक रीतलाल यादव के राजनीतिक और आपराधिक मामलों की गूँज एक बार फिर तेज़ हो गई है। दानापुर के बाहुबली माने जाने वाले यादव के खिलाफ दर्जनों मुक़दमे चल रहे हैं और हाल के दिनों में प्रशासन ने उन पर शिकंजा कस दिया है।

1. मुक़दमों की लंबी लिस्ट

• यादव पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, दंगा और शस्त्र अधिनियम के तहत कई केस शामिल हैं।
• इनमें से कम से कम 10 मामलों में स्थानीय अदालतों ने संज्ञान लिया है।
2. हालिया सरेंडर और जेल
• 17 अप्रैल 2025 को यादव ने दानापुर अदालत में आत्मसमर्पण किया।
• अदालत ने उन्हें और उनके तीन साथियों (चिक्कू यादव, पिंकू यादव, श्रवण यादव) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
3. जेल तबादला
• पटना की बीयूआर जेल से उन्हें सुरक्षा कारणों और गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भागलपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया।
• यहाँ उन्हें हाई सिक्योरिटी टी-सेल में रखा गया है, जहाँ पहले भी कुख्यात कैदी रखे जा चुके हैं।
4. पुलिस छापे और कार्रवाई
• दानापुर और खगौल इलाक़े में उनके गुर्गों के ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की है।
• एक ज़मीनी विवाद में आरोप है कि यादव के इशारे पर घर की दीवार तोड़ दी गई क्योंकि मालिक ने रंगदारी देने से मना कर दिया था।
5. प्रशासनिक सख़्ती
• दानापुर में प्रशासन ने 17 अवैध दुकानें ढहा दीं, जिन्हें सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर बनाया गया था और इनका सीधा संबंध यादव या उनके परिवार से बताया जा रहा है।
• ज़िला प्रशासन ने और भी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई शुरू की है।
6. यादव का पक्ष
• यादव का कहना है कि उन्हें साज़िश के तहत फँसाया जा रहा है और उनकी जान को ख़तरा है।
• उन्होंने अदालत में पेश होकर यहाँ तक कहा कि उन पर इतने दबाव हैं कि वे “इच्छामृत्यु” (euthanasia) की अनुमति चाहते हैं।

एनकाउंटर” की चर्चा, अधिकारिक पुष्टि नहीं… 

• कई लोगों की तुलना इस मामले को कुख्यात बाहुबली अतीक अहमद जैसे एनकाउंटर से की जा रही है।
• हालांकि अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है कि सरकार यादव का एनकाउंटर करने की योजना बना रही है।
• प्रशासन और भाजपा नेताओं पर कानून-व्यवस्था सख़्त करने का दबाव ज़रूर है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक जोखिम को देखते हुए सरकार फिलहाल न्यायिक कार्रवाई पर ही ज़ोर दे रही है।

हालांकि ये सिर्फ स्थानीय लोगों के बीच चर्चाएं हैं, लेकिन ऐसी कोई सरकार और संबंधित अधिकारी या पुलिस विभाग की मंशा फिलहाल सामने नहीं आई है या कोई बयान सामने नहीं आया है.. इसलिए ये चर्चाएं निराधार है फिलहाल…

लिफाफे में कारतूस भेजकर मांगी थी रंगदारी : बाहुबली पर अपराधिक वारदातों की लंबी फेहरिस्त है, जिस वजह से वो कई सालों तक जेल में बंद रहें. रीतलाल यादव पर जेल में रहकर गैरकानूनी काम को अंजाम देने का आरोप भई लगता रहा. कुछ सालों पहले एक कोचिंग संस्थान के मालिक से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा. रंगदारी नहीं देने पर संस्थान के मालिक को अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी. कुछ सालों पहले एक डॉक्टर को बंद लिफाफे में जिंदा कारतूस भेजकर 50 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप लगा था.

हत्या, धमकी, डकैती, और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप

बता दें कि बाहुबली रीतलाल यादव सालों तक जेल में बंद रहे थे. हत्या, डकैती, मनी लॉन्ड्रिंग और धमकी जैसे मामलों में कई बार नाम आया. साल 2012 में ईडी ने रीत लाल यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था. जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा था. रीतलाल कई सालों तक पटना की बेऊर जेल में बंद थे. लगभाग 10 साल बाद 29 अगस्त, 2020 को मनी लॉड्रिंग केस में रीतलाल यादव बेऊर जेल से बाहर आए और दानापुर जेल से उपनी उम्मीदवारी ठोक दी.

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