बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में 11 वर्षीय बच्ची के साथ हुई हैवानियत और उसकी हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है. इस वीभत्स कांड को लेकर आम जनता में आक्रोश है. विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है. घटना में हुई प्रशासनिक लापरवाही पर अब राज्य सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है और स्वास्थ्य विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर गाज गिराई है.
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH), मुजफ्फरपुर की अधीक्षक डॉ. कुमारी विभा को उनके पद से हटाया गया है. उन पर पीड़िता को रेफर करने की तय नीति का पालन न करने और कर्तव्यों में लापरवाही बरतने का आरोप है. निलंबन की अवधि में उन्हें स्वास्थ्य विभाग, पटना से अटैच किया गया है.
पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. अभिजीत सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है. आरोप है कि पीड़िता को उचित इलाज देने में प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही की गई, जिसके चलते उसे करीब आठ घंटे तक अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में ही इंतजार करना पड़ा. यह लापरवाही उसकी जान पर भारी पड़ी.
घटना 26 मई को सामने आई थी, जब मुजफ्फरपुर में एक 11 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. दरिंदों ने मासूम का गला काटा, फिर चाकू से उसका सीना चीर डाला. वह खून से लथपथ हालत में एक पोखर के पास पाई गई. गंभीर स्थिति में उसे पहले SKMCH और फिर पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया.
31 मई को बच्ची को पीएमसीएच लाया गया लेकिन बिस्तर नहीं मिलने के कारण उसे आठ घंटे तक एंबुलेंस में रखा गया. इलाज की शुरुआत समय पर नहीं हो सकी और 1 जून को मासूम ने दम तोड़ दिया.
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है. प्रशासन इस घटना से सबक लेते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है.
