बीजेपी का दामन छोड़ असित नाथ तिवारी ने मंगलवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया। सदाकत आश्रम में कांग्रेस के बिहार प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के हाथों कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। मुजफ्फरपुर रेप कांड में पीड़िता को न्याय को लेकर बीजेपी छोड़ने की बात कही..
उन्होंने कहा कि उस बच्ची को बचाया जा सकता था। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री दावा करते हैं कि वर्ल्ड क्लास हॉस्पिटल बनेगा। एशिया के किसी भी अस्पताल में इतना बेड नहीं है। इसके बावजूद यह हालत है कि जिस बच्ची का पेट फाड़ा गया, उसका इलाज इस अस्पताल में नहीं हो सका।
असित नाथ के मुताबिक दिलीप जायसवाल से कहा था कि ‘इस बच्ची के लिए एक फोन कर दीजिए ताकि उसकी जान बच जाए। लेकिन, उनका जवाब आया कि बिहार में अस्पताल के बाहर कई लोग रहते हैं, किस-किस के लिए फोन करें। फिर कहा कि यह जनरल केस नहीं है। इसमें दलित बच्ची के साथ बहुत ही नृशंस तरीके से बलात्कार किया गया है।
फिर उन्होंने कहा कि आप पत्रकार नहीं है। इस पूरे चर्चा के दौरान कोल्ड कॉफी पी जा रही थी। मजाक बनाया जा रहा था। किसी की कोई संवेदनशीलता नहीं दिखी। पोस्ट डिलीट करने की धमकी दी गई थी।कहा गया कि मेरे ऊपर एक्शन लिया जाएगा। लेकिन, मैंने अपना इस्तीफा खुद उन्हें सौंप दिया। इस बच्ची के हत्यारे हम सभी हैं। इस सरकार के नाकामी ने उसे मारा है।’
