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रेस्क्यू के बाद अस्पताल ले जाने के दौरान बच्चे की मौत, 25 घंटे की मेहनत नाकाम, नहीं बची रंजन की जान

बिहार के रोहतास में सोन नदी की पुल के दो पिलर के बीच फंसे 12 साल के बच्चे को नहीं बचाया जा सका. गुरुवार शाम 25 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला गया था और उसे एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था. इस दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

अस्पताल के डॉ.बृजेश ने बच्चे की मौत की पुष्टि की है. इस खबर को सुनने के बाद इलाके में मातम पसर गया है. लोग पिछले 25 घंटे से बच्चे की सलामती के लिए दुआ कर रहे थे. लेकिन उनकी दुआ काम नहीं आई और बच्चे की मौत हो गई…

बच्चे की नाम रंजन कुमार था. रंजन पिछले दो दिनों से गायब था. बुधवार को एक महिला ने उसे पुल की दो पिलर के बीच फंसा देखा जिसके बाद इसकी जानकारी उसके परिजनों को दी थी…

बच्च के परिजन जब उसे पुल के नीचे से नहीं निकाल सके तो स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी धी. जिसके बाद बुधवार शाम को SDRF और NDRF की टीम उसे निकालने के लिए लगातार कोशिश कर रही थी. करीब 25 घंटे के बाद बच्चे को पुल की पिलर के बीच से निकाला गया और आनन फानन में अस्पताल ले जाया जा रहा था जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई…

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गुरुवार सुबह बच्चे को बांस की सहायता से खाना दिया गया था. इसके साथ ही पाइप के जरिए उसके पास तक ऑक्सीजन भी पहुंचाया गया. रेस्क्यू में लगी NDRF की टीम ने तब कहा था कि बच्चा ठीक है वह रिस्पांड कर रहा है…

बच्चे को निकालने के लिए पहले पुल के पीलर में तीन फीट का छेद किया इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो स्लैब को तोड़कर बच्चे को निकाला गया लेकिन तबतक उसकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई थी और अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई. बच्चा खिरिआव गांव के भोला साह का बेटा था. रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उसके परिजनों ने बताया था कि उसकी दिमागी हालत कमजोर है…

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