बिहार मे शराबबंदी को लेकर सीएम भले लाख दावें करते हों लेकिन हकीकत सूबे ठीक इसके विपरीत है.. सीएम नीतीश बार-बार दुहराते हैं कि शराबबंदी कानून को खत्म नहीं किया जाएगा बल्कि और सख्त किया जाएगा। हर मीटिंग में मुख्यमंत्री यह कहते हैं कि शराब पीने वालों को नहीं छोड़ेंगे,जो पुलिसकर्मी शराब पीते पकड़े जायेंगे उन्हें बर्खास्त करेंगे।
वे पुलिस अधिकारियों को शराबबंदी को सफल बनाने के लिए सख्त रहने का आदेश देते हैं। लेकिन उनके आदेश का कोई असर नहीं होता। अब राजधानी पटना सरकारी स्कूल जिसमें पुलिस वालों का कब्जा था उसमें शराब की खाली बोतलें मिली हैं।
राजधानी पटना के कोतवाली इलाके के तारामंडल के पीछे की सरकारी स्कूल में बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें मिली हैं। स्कूल बंदी के दौरान शिक्षा के मंदिर पर बीएमपी जवानों का कब्जा था। वे काफी दिनों से स्कूल में रह रहे थे। अब स्कूल की झाड़ी में बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें मिली हैं। मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है और मौके पर कोतवाली थाने की पुलिस पहुंची है।
कोतवाली थाना क्षेत्र में राजकीय कन्या मध्य विद्यालय है। इसी विद्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें मिली है। खबर सामने आने के बाद डीएम चंद्रशेखर सिंह ने संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिये हैं।
सबसे बड़ा सवाल की शराबबंदी वाले राज्य में इतनी शराब की खाली बोतलें आया कहाँ से, वो भी राजधानी पटना के एक सरकारी स्कूल में ?….
आखिर ये कैसी शराबबंदी है ?…
