पटना: आरजेडी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी में उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। मृत्युंजय तिवारी आरजेडी के दमदार प्रवक्ता में से एक थे। उन्होंने हर मोर्चे पर आरजेडी का साथ दिया और अपनी बातों के जरिए आरजेडी का बचाव करते रहे।
मृत्युंजय तिवारी ने मीडिया से कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ सदस्यों को इस्तीफा सौंप दिया है। जनता का सेवक हूं और आखिरी सांस तक सेवक बनकर काम करूंगा। कुल मिलाकर बांकीपुर उपचुनाव से पहले आरजेडी को तगड़ा झटका लगा है। आरजेडी के काफी पुराने प्रवक्ता में से एक मृत्युंजय तिवारी रहे हैं। उन्होंने कोई भी संकट आया, लेकिन आरजेडी का दामन नहीं छोड़ा। वे लगातार लालू परिवार का बचाव करते रहे।
आरजेडी के अंदर तेजी से जारी हलचल
इधर, बताया जा रहा है कि आरजेडी ने बड़ी टूट हो सकती है। औरंगाबाद से आरजेडी के सांसद अभय कुशवाहा भी बीजेपी के संपर्क में चल रहे हैं। सूत्रों की मानें, तो इससे आरजेडी में पूरी तरह हलचल का आलम है। मृत्युंजय तिवारी ने मीडिया से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अपने अगले राजनीतिक मूव को लेकर उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
आरजेडी के सांसद बीजेपी के संपर्क में
मृत्युंजय तिवारी के पीछे आए आरजेडी में लोगों को बहुत सम्मान मिला। सूत्रों के मुताबिक लंबे समय में पार्टी के अंदर उन्हें कोई तरजीह नहीं दी जा रही थी। नाराजगी की वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। इसे आरजेडी के लिए तगडा़ सेटबैक बताया जा रहा है। मीडिया के सामने तेजस्वी यादव और लालू परिवार के लिए स्टैंड रखने में वो सबसे आगे रहते थे। अब मृत्युंजय तिवारी ने पूरी तरह पार्टी से किनारा कर लिया है।
बांकीपुर चुनाव में होगा नुकसान
उधर, आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सियासी गलियारों में चल रही कयासबाजी की मानें, तो जल्द ही अभय कुशवाहा बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। कोई बड़ा फैसला भी ले सकते हैं। हालांकि, इस मामले में कोई भी अभी पुष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। लेकिन चर्चा का बाजार गर्म है। ध्यान रहे कि बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले आरजेडी के अंदर मची इस भगदड़ का असर चुनाव पर भी दिखेगा। तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर हैं और इधर खेला हो गया।
