बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वे किया। मुख्यमंत्री ने नेपाल से निकलने वाली कोसी, बागमती और गंडक नदियों के जल स्तर का मुआयना किया।
उन्होंने तटबंध टूटने से आई तबाही के मंजर को देखा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, आपदा प्रबंधन ACS प्रत्यय अमृत समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बिहार के गंडक, कोसी, बागमती, महानंदा और अन्य नदियों में आयी बाढ़ से बिहार के 16 जिलें प्रभावित हैं। आपदा प्रबंधन के मुताबिक पूर्वी चम्पारण, प. चम्पारण, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी,
सुपौल, सिवान, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, सारण और सहरसा के 55 प्रखंडों में 289 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। इन जिलों के लगभग 9.90 लाख जनसंख्या बाढ़ की चपेट में है।
जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 4 जिलों में 7 स्थान पर तटबंध टूट चुके हैं। सीतामढ़ी जिले में बेलसंड प्रखंड के मधकौल, सौली रूपौली, रुन्नीसैदपुर प्रखण्ड के तिलकताजपुर और खहुआ में तटबंध टुटा है।
पश्चिम चम्पारण जिले में बगहा-1 प्रखंड के खैरटवा गांव में शिवहर जिले के तरियानी प्रखंड के छपरा में बांध टूटे हैं। दरभंगा जिले के किरतपुर प्रखंड के भुबोल गांव में कोसी तटबंध टूट चुका है।
