- DMCH में छह घंटे ठप रहा इमरजेंसी उपचार, वापस लौटे मरीज
दरभंगा : दरभंगा मेडिकल कालेज सह अस्पताल (डीएमसीएच) एकबार फिर से मारपीट के लिए सुर्खियों में आ गया है।मंगलवार को स्वजन के अभद्र से बिफरे यहां के जूनियर डाक्टरों ने जमकर उत्पात मचाया। जिसे लेकर बेंता थाने में प्राथमिकी भी दर्ज हुई है।
इस वजह से मंगलवार को करीब छह घंटे तक इमरजेंसी में उपचार ठप रहा और दर्जनों मरीज वापस लौट गए। पीजी डाक्टरों के द्वारा स्वजन को पीटने से इमरजेंसी विभाग में घंटों अफरातफरी मची रही। इमरजेंसी विभाग में मौजूद निजी सुरक्षा गार्डों ने मारपीट रोकने की कोशिश की पर उनका प्रयास विफल रहा।
सूचना पर पहुंची बेंता थाने की पुलिस ने जूनियर डाक्टरों की गिरफ्त से मशक्कत कर अधमरे हो चुके स्वजन को छुड़ाकर कैदी वार्ड की हाजत में बंद कर दिया। वहीं स्वजन के द्वारा अभद्र व्यवहार की खबर फैलते ही दर्जनों पीजी डाक्टर जमा हो गए। इसके बाद आक्रोशित डाक्टरों ने कैदी वार्ड पर धावा बोल दिया।
बताया जाता है कि कैदी वार्ड के मुख्य गेट को तोड़ कर डाक्टरों का झुंड अंदर प्रवेश कर गया। वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिस जवानों से चाबी छीनी और हाजत में घुसकर स्वजन को जीभर पीटा। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी अधीक्षक डा.यूसी झा, प्राचार्य डा.केएन मिश्रा एवं सदर एसडीपीओ अमित कुमार दलबल के साथ पहुंचे। सभी पीजी डाक्टरों को समझाने का प्रयास करने लगे। घंटों मान-मनौवल के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे इमरजेंसी में उपचार आरंभ हुआ।
बताया जाता है कि मंगलवार को करीब 12:15 बजे मोरो थाना क्षेत्र के पटोरी निवासी केशव मिश्रा अपनी जख्मी बहन स्वाति कुमारी (11) को लेकर डीएमसीएच इमरजेंसी पहुंचे। स्वाति का दाहिना हाथ चारा काटनेवाली मशीन की चपेट में जख्मी हो गया था। जख्म से लगातार खून बह रहा था। इमरजेंसी के परीक्षण कक्ष में स्वाति को भर्ती किया गया। वहां डाक्टर मौजूद नहीं थे।
बहन की गंभीर स्थिति देख केशव मिश्रा डाक्टर कक्ष में चले गए और सर्जरी के जूनियर डाक्टर को जल्द उपचार का दबाव देने लगे। इसी बात को लेकर तू-तू,में-में होने लगी। जो देखते ही देखते हाथापाई और फिर मारपीट में तब्दील हो गई। इसके बाद इमरजेंसी वार्ड से लेकर कैदी वार्ड तक रणक्षेत्र बन गया।
घटना से दहशत में भरे स्वजन इमरजेंसी विभाग में भर्ती मरीजों को लेकर निजी अस्पताल चले गए। जबकि अधमरे केशव चौधरी का उपचार बहादुरपुर पीएचसी में चल रहा है। वहीं उनकी बहन स्वाति का इलाज निजी अस्पताल में कराया गया।
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डीएमसीएच इमरजेंसी में तैनात जूनियर डाक्टरों के द्वारा पुलिस अभिरक्षा में हाजत में बंद स्वजन को पीटने के मामले को लेकर बेंता थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। जिसमें 30-40 अज्ञात पीजी चिकित्सकों को आरोपित किया गया है। इसमें पुलिस जवान से धक्का-मुक्की, अभद्र व्यवहार, कैदी वार्ड का गेट तोड़ने और जबरन चाबी छीनकर हाजत में मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
बेंता थाना में प्राथमिकी कैदी वार्ड में तैनात पुअनि रत्नेश चौधरी के बयान पर दर्ज की गई है। उन्होंने बताया है कि आईसीयू वार्ड मेडिसिन विभाग से एक अज्ञात पुरुष के शव का पोस्टमार्टम के लिए मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर लौट रहे थे। इसी दौरान इमरजेंसी के पास डीएमसीएच के सुरक्षा गार्ड के द्वारा पटोरी निवासी केशव मिश्रा को पकड़ा गया। सुरक्षा गार्ड ने पूछने पर बता कि डाक्टर को मारकर भाग रहा है।
सुरक्षा गार्ड के द्वारा उक्त लड़का को कैदी वार्ड में रखा गया। इसी बीच कैदी वार्ड के पास भारी संख्या में डाक्टर जमा हो गए और उनके द्वारा बोला गया कि उक्त व्यक्ति को मेरे हवाले कर दिया जाए। तब पुअनि रत्नेश चौधरी ने कहा कि लिखित आवेदन दीजिए उचित कार्रवाई की जाएगी। डाक्टरों के उग्र रूप देखकर उक्त व्यक्ति को कैदी वार्ड में रखकर बाहर से ताला बंद कर दिया गया। इसके बावजूद 30-40 डाक्टर के द्वारा कैदी वार्ड के सुरक्षा गार्ड से बलपूर्वक चाबी छीनकर उक्त कैदी वार्ड का मुख्य दरवाजा का ताला तोड़कर उक्त व्यक्ति केशव मिश्रा के साथ मारपीट एवं पुलिस कर्मी के साथ धक्का मुक्की की गई।
इधर, बुधवार को इस मामले को लेकर बेंता थाने की अपर थानाध्यक्ष प्रियंका कुमारी ने तहकीकात किया। ड्यूटी पर तैनात जवानों से पूछताछ की। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। बताया जाता है कि सीसीटीवी फुटेज में पीजी डाक्टर चिह्नित नहीं होते हैं तब जख्मी स्वजन को बुलाकर पहचान कराई जाएगी।
