दरभंगा में डबल मर्डर का मामला सामने आया है। 1 जनवरी से लापता दो युवकों की लाश बरामद की गई है। मृतकों की पहचान मुन्ना महतो और बादल मंडल के रूप में हुई है। पुलिस ने छोटू कुमार को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर बादल का शव बरामद किया है।
घटना सदर थाना क्षेत्र के कबीरचक गांव की है। जानकारी के मुताबिक, न्यू ईयर के पहले दिन गुरुवार की रात दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद से वे लापता थे।
2 जनवरी की रात करीब 11 बजे दोनों के परिजनों ने सदर थाना में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने टेक्निकल सेल और अन्य इनपुट के आधार पर खोजबीन शुरू की।
3 जनवरी को मुन्ना महतो का शव बहादुरपुर थाना क्षेत्र के बीएमपी के पास एक्सप्रेसवे के किनारे गेहूं के खेत से बरामद किया। वहीं, आज यानी रविवार को पुलिस ने बादल मंडल का शव भेलूचक गांव के बगीचे से बरामद किया। शव को जमीन के अंदर गड्डा खोदकर छिपाया गया था।
बादल के हाथ-पैर बंधे हुए थे और ऊपर से मिट्टी डालकर शव को दबा दिया गया था।
बादल के चचेरे भाई गुड्डू ने बताया कि, घटना 1 जनवरी की है। उस दिन करीब 12 बजे दिन में बादल अपनी मां से बात कर घर से निकला था। उसने बताया था कि अपने दोस्त मुन्ना के साथ भैरवपट्टी जा रहे है। वहां दोस्तों के साथ न्यू ईयर सेलिब्रेट करेंगे। इसके बाद वहां पहुंचकर बादल और मुन्ना ने दोस्तों के साथ मिलकर पार्टी की।
शाम करीब 7 बजे परिजनों ने बादल को फोन किया और पूछा कि तुम कहां है। इसपर बादल ने बताया कि देर होने पर सुबह वापस आएंगे और दोस्त के यहां रुक जाएंगे। इसके बाद परिजन निश्चिंत हो गए।
2 जनवरी की सुबह कॉल किया तो रिंग हो रही थी, लेकिन कोई फोन नहीं उठा रहा था। लगातार संपर्क नहीं होने पर चिंता बढ़ गई। इसके बाद हम लोग बादल की खोजबीन शुरू की
खोजबीन के दौरान बीएनपी 13 के पास आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बादल की बाइक गिरी मिली। इसकी सूचना तुरंत परिजनों को दी गई। जब सभी वहां पहुंचे तो बाइक की हालत देखकर डर गए। यहां काफी खोजबीन की गई, लेकिन बादल का कोई सुराग नहीं मिला। लेकिन यहां मुन्ना का शव मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
गुड्डू कुमार ने कहा कि अगर किसी बात को लेकर विवाद था, तो परिजनों को बताया जा सकता था या मारपीट की जा सकती थी, लेकिन किसी की जान लेना बिल्कुल गलत है। बादल अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं और बूढ़े मां-बाप अब बेसहारा हो गए हैं।
सदर SDPO राजीव कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि 1 जनवरी की रात पार्टी के दौरान आपसी विवाद बढ़ गया था। इसी विवाद में आठ दोस्तों ने मिलकर दोनों युवकों की हत्या कर दी। पुलिस ने इस कांड के मुख्य आरोपी अनिल कुमार के बेटे छोटू को गिरफ्तार किया है। उसी की निशानदेही पर बादल का शव बरामद किया गया।
SDPO ने बताया कि मुन्ना महतो की हत्या कर शव को गेहूं के खेत में फेंक दिया गया था, जबकि बादल मंडल की हत्या के बाद उसके शव को छिपाने की कोशिश की गई। एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए हैं।
प्रारंभिक तौर पर किसी भारी वस्तु से हमला करने और गला दबाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि हत्या के सटीक तरीके का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद होगा।
फिलहाल दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
