मोतिहारी के रक्सौल बॉडर पर तैनात नारकोटिक्स तस्कर शुरक्षा एजेंसियों के आँख में धूल झोखने के लिए बॉर्डर पर पुलिस के स्टीकर लगे वाहन से अब नारकोटिक्स की तस्करी कर रहे है। नेपाल से तस्करी कर नारकोटिक्स भारत के अलग अलग हिस्सों में भेजी जाती है…
। नेपाल इन दिनों मादक पदार्थ का हब बना हुआ है।
भारत नेपाल सीमा के रक्सौल बॉर्डर से एसएसबी ने नारकोटिक्स तस्कर का भंडाफोड़ करते हुए साढ़े आज 12 करोड़ रुपए के 50 किलो चरस के साथ एक स्कॉरिपो गाड़ी सहित दो तस्कर को गिरफ्तार किया है।एसएसबी को गुप्त सूचना मिली थी , नारकोटिक्स तस्कर नए तरीके इजात करके तस्करी करने का प्लान बनाए है।
स्कॉर्पियो गाड़ी में पुलिस का लोगो और अंदर में तिरंगा का स्टीकर लगा कर नेपाल से भारत मे तस्करी का प्लान बनाए थे । ताकि किसी को शक नही हो । गिरफ्तार तस्करों ने पूछताछ में बताया है कि छपरा शहर में नारकोटिक्स का डंपिंग पॉइंट बनाया गया है। वहाँ से देश के अन्य शहर में नारकोटिक्स भेजने की योजना थी।
एसएसबी के 47 वी वाहिनी के 2 nd कमान्डेंट राजकुमार खालखो ने बताया की बॉर्डर जांच के दौरान स्कोर्पियो गाड़ी नम्बर BR04PA – 1580 को जाँच किया गया । गाड़ी में ड्राइवर सहित एक व्यक्ति तीन बैग लेकर बैठा था। जिसकी जांच करने पर 500-500 ग्राम के 100 पैकेट में कुल 50 किलो चरस बरामद हुआ है। गाड़ी सहित दो लोगो हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया तस्करों ने तस्करी के लिए पुलिस के स्टीकर और तिरंगा के साथ तस्करी का नया तरीका तस्करों ने ईजाद किया है।
विवेक कुमार मोतिहारी
