पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती और शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर शिक्षा विभाग ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा यानी टीआरई-4 में कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए संगीत विषय की 111 अतिरिक्त रिक्तियां बढ़ा दी गई हैं. इसके साथ ही टीआरई-4 में शिक्षकों की कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर 33,385 हो गई है.
स्थानांतरण के लिए इस तारीख से आवेदन: शिक्षक स्थानांतरण को लेकर अधिशेष और पारस्परिक स्थानांतरण की सूची जल्द जारी करने की तैयारी चल रही है. इसके अलावा सामान्य स्थानांतरण के लिए 17 सितंबर से फिर आवेदन लिए जाएंगे.
संगीत विषय में 111 सीटें बढ़ीं: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने टीआरई-4 और शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर विभाग की तैयारियों की महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए संगीत विषय में 111 सीटें बढ़ाई गई हैं. इन अतिरिक्त रिक्तियों की अधियाचना जल्द ही बिहार लोक सेवा आयोग को भेजी जाएगी. नई सीटें जुड़ने के बाद टीआरई-4 में कुल रिक्तियों की संख्या 33,385 पहुंच गई है.
म्यूचुअल ट्रांसफर की तैयारी: शिक्षा मंत्री ने शिक्षक स्थानांतरण को लेकर भी अहम जानकारी दी. उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग अधिशेष यानी सरप्लस शिक्षकों और पारस्परिक यानी म्यूचुअल ट्रांसफर से जुड़े मामलों की सूची जल्द जारी करने की तैयारी में है. विभाग स्थानांतरण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटा हुआ है. मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि सरप्लस शिक्षकों के कुल 73,151 आवेदनों में से करीब 37 हजार शिक्षकों को उनके पहले से पांचवें विकल्प के भीतर ही मनपसंद विद्यालय मिल गया है.
मिलेगा 30 विद्यालयों का विकल्प: म्यूचुअल ट्रांसफर में बड़ी संख्या महिला शिक्षकों की है. स्थानांतरण के लिए शिक्षकों को च्वाइस फिलिंग के दौरान अधिकतम 30 विद्यालयों के विकल्प देने की सुविधा दी गई थी. उन्होंने कहा कि विभाग पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि शिक्षकों द्वारा विकल्प के रूप में चुने गए विद्यालयों में ही उनका स्थानांतरण किया जाएगा. ऐसे में जिन शिक्षकों को पहले पांच विकल्पों के भीतर विद्यालय मिल गया है, उनके लिए यह प्रक्रिया बड़ी राहत मानी जा रही है.
31 अक्टूबर तक स्थानांतरण लक्ष्य: शिक्षा मंत्री के अनुसार सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू की जाएगी. इस चरण में उन शिक्षकों को भी आवेदन करने का मौका मिलेगा, जो 5 अगस्त तक आवेदन नहीं कर पाए थे. विभाग का लक्ष्य 31 अक्टूबर तक स्थानांतरण से जुड़े सभी मामलों का निष्पादन कर देना है.
प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी: उन्होंने कहा कि स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया ऐच्छिक है और किसी शिक्षक को जबरन स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा रहा है. बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है. विभाग का उद्देश्य शिक्षक हितों को ध्यान में रखते हुए सरल, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करना है.
जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों का स्थानांतरण: जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों के स्थानांतरण के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में विधि विभाग से मंतव्य मांगा गया है. विभाग को उम्मीद है कि दो दिनों के भीतर विधि विभाग से जवाब मिल जाएगा. इसके बाद जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर आगे की प्रक्रिया और स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
याचिकाकर्ता शिक्षकों के स्थानांतरण पर रोक: कोर्ट के स्टे से जुड़े सवाल पर मिथिलेश तिवारी ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को छोड़कर अन्य सभी शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा. यानी जिन शिक्षकों के मामलों पर न्यायालय की रोक लागू है, उन्हें छोड़कर बाकी शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
कंप्यूटर टीचर और लाइब्रेरियन की बहाली: शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में कंप्यूटर टीचर और लाइब्रेरियन की बहाली भी जल्द की जाएगी. विभाग इस दिशा में आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ा रहा है. शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी और पुस्तकालय सुविधाओं को मजबूत करने के लिए इन पदों पर नियुक्ति की तैयारी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई: शिक्षकों के बकाया भुगतान के मामलों को लंबे समय तक लंबित रखने वाले अधिकारियों पर भी विभाग सख्त रुख अपनाने जा रहा है. मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी. विभाग उन अधिकारियों की सूची को अंतिम रूप दे रहा है, जिनके स्तर पर शिक्षकों के बकाया भुगतान से जुड़े मामले अनावश्यक रूप से लंबित रहे हैं.
“शिक्षकों के हितों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी को विभाग गंभीरता से ले रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. विभाग की प्राथमिकता शिक्षक हितों की रक्षा करने के साथ-साथ भर्ती और स्थानांतरण की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करना है. 31 अक्टूबर तक स्थानांतरण से जुड़े मामलों के निष्पादन के बाद शिक्षक पूरी ऊर्जा के साथ विद्यालयों में ध्यान केंद्रित कर सकेंगे.”-मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार
