पटनाः बिहार सरकार ने छात्रों की मांग पर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में टीआरई-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित करने का फैसला लिया है..
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट पर ये जानकारी दी। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। अब छात्रों की मांगों के संबंध में निर्णय लिया गया है कि इस बार की टीआरई-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी।
इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। राज्य सरकार ने विभिन्न परीक्षाओं में सुधार के लिए अनुशंसाएं देने के लिए परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित यह समिति विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी।
बताया गया है कि छात्रों की मांग के अनुसार 70वीं बीपीएससी की पारदर्शिता के साथ जांच समिति से जांच होगी। वहीं बिहार कर्मचारी चयन आयोग की सभी भर्ती परीक्षा समय पर कराने, 1799 दारोगा बहाली परीक्षा की जांच, सहायक प्राध्यपक से पहले बिहार पात्रता परीक्षा, बीईटी के संबंध में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके तहत परीक्षा सुधार के संबंध में पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी के सामने शिकायतकर्ता अपना पक्ष और सुझाव रखेंगे। 1799 दारोगा बहाली परीक्षा की आगे की प्रक्रिया कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। वहीं बिहार कर्मचारी चयन आयोग की ओर से यथाशीघ्र कैलेंडर जारी कर ससमय परीक्षा लेने के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की है। इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है।
बिहार की सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाईल नीति लागू होने के संबंध में न्यायविद ते प्राप्त परामर्श के अनुसार नियमानुसार आगे की प्रक्रिया किए जाने का फैसला लिया गया…
