बिहार में शुक्रवार (16 मई) को कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें सीएम नीतीश कुमार के साथ तमाम बड़े मंत्री मौजूद रहे. बिहार कैबिनेट में नीतीश सरकार ने 69 एजेंडों पर मुहर लगाई है. इस बैठक में गया शहर का नाम बदलने से लेकर कर्मचारियों के डीए बढ़ाने और जीविका दीदी के लिए अलग बैंक समेत कई अमह फैसलों पर मुहर लगी है.
इस बैठक में सातवां केंद्रीय वेतनमान तहत वेतन पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मियों का को बड़ा तोहफा 53% से बढ़ा कर 55% करने का फैसला लिया गया. कुल 2% प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है. वहीं छठे वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मियों को 6% महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है.
पांचवें वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन पाने वाले को 11% का महंगाई भत्ता बढ़ाया गया है, इसकी स्वीकृति आज कैबिनेट में मिल गई है. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर 1070 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा.
कैबिनेट की मीटिंग में गया शहर का नाम बदलने की स्वीकृति मिल गई है. अब नया नाम गया जी हो गया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से गया शहर का नाम बदलकर गयाजी करने का प्रस्ताव आया था, जिसे बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. बोधगया शहर के लिए जल पूर्ति परियोजना को भी मंजूरी मिली है.
इसके साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की प्रत्येक वर्ष 5 जनवरी को राजकीय समारोह को के रूप में जन्मतिथि मनाई जाएगी. इसकी भी कैबिनेट में मंजूरी मिली है. वहीं ऑपरेशन सिंदूर के तहत शहीद होने पर जवानों के परिजनों को 50 लख रुपये दिए जाएंगे.
वहीं जीविका दीदी के लिए अलग बैंक होगा, प्रखंड अंचल कार्यालय की सफाई भी अब जीविका दीदी करेंगी. जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन अब गांव स्तर पर पंचायत सचिव के माध्यम से हो सकेगा और नए आंगनबाड़ी केंद्रों को भी मंजूरी दी गई है. पंचायत सरकार भवनों के लिए 27 अरब रुपये की राशि स्वीकृत की गई है.
पंचायती राज विभाग के अंतर्गत 900 ग्राम पंचायत में पंचायत सरकार बनाने को मंजूरी मिली है. बिहार के कई जिले में केंद्रीय विद्यालय संगठन का विद्यालय बनेगा. गोपालगंज, अररिया और भागलपुर में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय बनेगा. बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में अब शिक्षा विभाग के अंतर्गत नियुक्त शिक्षक को प्रति नियुक्त किया जाएगा.
