बक्सर : फरक्का जल संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए जदयू ने शनिवार को बक्सर से बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया। ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के जरिए पांच हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में पार्टी ने गंगा के पानी पर बिहार के अधिकार का मुद्दा उठाया।
जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बक्सर पहुंचने पर जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ। दोनों नेता गंगा और ठोरा नदी के संगम त्रिमुहानी पहुंचे और गंगा का निरीक्षण करने के बाद बगीचा उत्सव लॉन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
संजय झा ने कहा कि *12 दिसंबर 2026 को भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि के 30 वर्ष* पूरे होने वाले हैं। आरोप लगाया कि तीन दशक पहले बिहार के हितों की अनदेखी कर ऐसी व्यवस्था बनाई गई, जिसका खामियाजा आज बिहार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी बिहार के लोगों का हक है और इसका सीधा संबंध खेती, सिंचाई और पेयजल से है।
‘आपकी ही सरकार है, फिर मांग पूरी क्यों नहीं ?’
कार्यक्रम के दौरान जब संजय झा से सवाल किया गया कि बिहार और केंद्र दोनों जगह जदयू सत्ता में है, फिर बिहार के हित से जुड़ी यह मांग अब तक पूरी क्यों नहीं हुई, तो उन्होंने सीधे तौर पर पूर्ववर्ती सरकारों को निशाने पर लिया।
उन्होंने कहा कि 1996 में जब जल संधि लागू की गई थी, उस समय किसकी सरकार थी, यह किसी से छिपा नहीं है। संजय झा ने आरोप लगाया कि उस समय *सत्ता सुख के लिए जनता के हितों की अनदेखी की गई।* आज सवाल उठाने वालों को यह भी बताना चाहिए कि उन्होंने ऐसी संधि क्यों की, जिसमें बिहार के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
फरक्का बैराज से गाद और बाढ़ का मुद्दा
संजय झा ने कहा कि फरक्का बैराज के कारण गंगा में गाद की समस्या गंभीर हुई है। गर्मी में पानी की किल्लत और मानसून में बाढ़ बिहार की बड़ी समस्या है। 1975 में फरक्का बैराज बनने के बाद गंगा में भारी मात्रा में गाद जमा होने लगी, जिसका असर नदी के प्रवाह और सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
उन्होंने संधि की जल बंटवारे की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि 70 हजार क्यूसेक या उससे कम पानी होने पर बांग्लादेश को 35 हजार क्यूसेक पानी देने का प्रावधान था।
उन्होंने कहा कि बिहार के हित से जुड़ा यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा गया है और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
12 जिलों में चलेगा जनसंवाद
संजय झा ने कहा कि गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में जनता से संवाद किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को फरक्का जल संधि के प्रभावों से अवगत कराना और बिहार के जल अधिकार, सिंचाई, कृषि तथा बाढ़ की समस्या को लेकर जनमत तैयार करना है।
कार्यक्रम में जदयू प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, राजपुर विधायक संतोष निराला, जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा समेत पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बक्सर से धीरज कुमार की रिपोर्ट..
