अजय धारी सिंह , मधुबनी
मधुबनी:* मधुबनी में लखनौर प्रखंड के हरभंगा गांव कक्कर्री मुसहरी टोल में नही थम रहा है डायरिया का प्रकोप काफी विकराल रूप ले चुका है। बीते 20 अगस्त से डायरिया के चपेट में अबतक पांच दर्जन से ज्यादा लोग आ चुके हैं।
सूचना देने के बाद 1 दिन का मेडिकल कैंप लगा, लेकिन हालात में अभी तक भी सुधार नहीं हुआ है। यहां तक की विद्यालय में पिछले 10 दिनों से बच्चों की उपस्थिति भी कम हो गई है। गांव में बाहर से आए किसी अधिकारी अथवा मीडिया कर्मी के आने की खबर पर लोग उसे अपनी परेशानी बताने बाहर आ जाते हैं, नही तो घर में ही लेते रहते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा की बीते 20 अगस्त से डायरिया के चपेट में यह गांव है। इस गांव में अब तक पांच दर्जन से ज्यादा बूढ़े, बच्चें, महिलाए डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। गांव में डायरिया के प्रकोप से डरे सहमे लोग घरों में दुबके रहते हैं। ग्रामीणों की माने तो गांव में डायरिया की चपेट में एक-दो लोगों का रोज आना जारी है।…
डायरिया पर पूरी तरह से नियंत्रण नही होने ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। किसी किसी को 15 से 20 बोतल पानी तक चढ़ाना पड़ा है। हालत बिगड़ने पर पीड़ित को एम्बुलेंस से पहले लखनौर पीएचसी और उसके बाद हालात और खराब होने पर अनिमंडलीय अस्पताल भेज दिया जाता है। ग्रामीणों ने कहा की उनको कुछ दवाईयां दी गई, लेकिन उससे भी खास राहत नहीं हुई।
लगातार डायरिया के चपेट में आने की सूचना पर लखनौर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक चिकित्सक और एक एएनएम ने आकर लोगों को कुछ दवाइयां दी और वहां से वे वापस चले गए। लेकिन मामला जस का तस ही बना रहा उसमें कुछ सुधार नहीं हुआ। जिसकी सूचना बीडीओ लखनौर को दिया गया तो 1 दिन का कैंप लगा लेकिन हालात में अभी तक भी सुधार नहीं हुआ है,
कब कौन कहां गिर जाए कोई नही कह सकता है। गांव में बाहर से आए किसी अधिकारी अथवा मीडिया कर्मी के आने की खबर पर अपने-अपने घरों से बाहर निकलते हैं और डायरिया को लेकर अपनी परेशानी बताते हैं।
इधर गांव में डायरिया के प्रकोप की जानकारी के बाद लगातार कई कैम्प लगाया गया। स्थानीय लोगों की माने तो रोज लोग डायरिया की चपेट में आ रहे हैं, इसकी रोकथाम केलिए गांव के समुदायिक भवन में कुछ दिनों के लिए स्थाई कैंप लगाया जाए। गांव में फैले डायरिया पर नियंत्रण के लिए स्थाई कैंप लगाने को लेकर सिविल सर्जन ने कहा की उनको डायरिया होने जानकारी मिली है।
सभी का इलाज किया जा रहा है, कुछ लोगों की स्थिति खराब होने पर उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल भी भेजा गया है। उनके अनुसार मामला अभी पूर्ण नियंत्रण में है और उनकी नजर अभी भी बनी हुई है। ग्रामीणों द्वारा स्थाई कैंप के मुद्दे पर उन्होंने कहा की उनको अभी उसकी आवश्यक हमको नही लग रहा है, जरूरत करने पर स्थाई कैंप की भी व्यवस्था की जाएगी और उससे भी अगर जरूर होगी तो वहां कैम्प क्या अस्पताल खोल दिया जाएगा।
वहीं स्थानीय सरकारी विद्यालय के शिक्षक ने बताया की डायरिया के भय से स्कूलों में भी पिछले 10 दिनों से बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है। अभिवावकों ने डायरिया के कारण अपने-अपने बच्चों के अभी विद्यालय नही आने की उन्हें सूचना दी है।
