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मिथिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा डॉ प्रमोद गांधी लिखित पुस्तक का हुआ विमोचन… पुस्तक लेखन आने वाली पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन एवं प्रेरणा का सूचक

विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभाग में कार्यरत शिक्षक ने लिखा ‘ए स्टडी ऑन डिकेइंग ट्रेण्ड इन परफॉर्मिंग रिलिजियस रिचुअल्स इन मिथिला’*

दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग कार्यरत शिक्षक डा प्रमोद गांधी लिखित ‘ए स्टडी ऑन डिकेइंग ट्रेण्ड इन परफॉर्मिंग रिलिजियस रिचुअल्स इन मिथिला’ नामक पुस्तक का विमोचन कुलसचिव प्रोफेसर मुश्ताक अहमद ने अपने कार्यालय में करते हुए कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि हमारे अतिथि शिक्षक भी पुस्तक लेखन कर रहे हैं।

ऐसे शिक्षकों से न केवल विभाग, बल्कि विश्वविद्यालय का भी नाम रोशन होता है। डा प्रमोद गांधी लिखित यह पुस्तक शोध परक है, जिससे आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन होगा तथा इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे। पुस्तक का गेटअप बहुत अच्छा है तथा कवर पेज मिथिला पेंटिंग से सुसज्जित है।

उन्होंने कहा कि डॉ गांधी पेंटर भी हैं तथा इनके पिता प्रसिद्ध होम्योपैथिक डॉक्टर थे। साथ ही इनका पूरा परिवार शिक्षा क्षेत्र से संबंधित रहा है।

पुस्तक विमोचन के अवसर पर डा अवनि रंजन सिंह, प्रो अशोक कुमार मेहता, विभागीय शिक्षक प्रो मो शाहिद हसन, डा मंजू झा, डा सारिका पांडे तथा डा लक्ष्मी कुमारी, डा तनीमा कुमारी, डा आर एन चौरसिया, सैयद मो जमाल अशरफ, संजय कुमार तथा मुकेश कुमार आदि उपस्थित थे।

पुस्तक के लेखक डा प्रमोद गांधी ने बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि आज के व्यस्तता पूर्ण समय में लोग अपने भौतिक कामों में इतने व्यस्त हो गए हैं कि पारंपरिक रूप से किए जाने वाले धार्मिक कर्मकांडों को करने एवं उनको निभाने में लोगों की रुझान कम होती जा रही है।

समाज में पढ़े-लिखे अधिकांश लोग व्यर्थ के आर्थिक खर्चों एवं समय बिताने वाले कार्यों को ही धार्मिक कृत्य समझ बैठे हैं। फलत: इन धार्मिक क्रियाकलापों की प्रवृत्ति में काफी कमी होने लगी है। उन्हें बताया कि इस पुस्तक में मिथिला क्षेत्र के सोलह संस्कारों, धार्मिक कृतियों को पूरा करने में आने वाली समस्याओं की विशेष रूप से चर्चा की गई है।

183 पेज की यह पुस्तक ग्लोबुक प्रेस, आगरा, उत्तर प्रदेश से प्रकाशित है, जिसमें कुल 5 अध्याय हैं। 2023 में प्रथम संस्करण के रूप में प्रकाशित इस पुस्तक का मूल्य ₹450 है।

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