JEE Advanced Result 2023: आईआईटी (IIT) गुवाहाटी ने रविवार को देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड (JEE Advanced) का परिणाम जारी कर दिया. परिणामों में एक बार फिर कोटा कोचिंग ने श्रेष्ठता साबित की है. अब तक देखे गए परिणामों में टॉप-10 में कोटा कोचिंग के 4 स्टूडेंट्स शामिल हैं. इनमें राघव गोयल ने आल इंडिया रैंक-4, प्रभव खंडेलवाल ने आल इंडिया रैंक-6, मलय केडिया ने आल इंडिया रैंक 8 और नागिरेड्डी बालाजी ने आल इंडिया रैंक 9 प्राप्त की है. इसके साथ ही कोटा में खुशियों के ढोल बज गए. स्टूडेंट के साथ फेकल्टी भी जमरक नाच रहे हैं, हर कोई खुशी मना रहा है.
आईआईटी गुवाहाटी द्वारा इस वर्ष जेईई-एडवांस्ड 4 जून को दो पारियों में यह परीक्षा देश के 221 परीक्षा शहरों में आयोजित हुई थी. परिणाम के साथ-साथ फाइनल आंसर की भी जारी की. इस वर्ष पिछले 11 वर्षों के मुकाबले सर्वाधिक 1 लाख 90 हजार विद्यार्थियों ने जेईई-एडवांस्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण करवाया था. जेईई-एडवांस्ड का परिणाम जारी होने के बाद आईआईटी एनआईटी में प्रवेश के लिए होने वाली जोसा काउंसलिंग 19 जून से 31 जुलाई के मध्य 6 राउंड में होगी. काउंसलिंग में विद्यार्थियों को 23 आईआईटी, 32 एनआईटी, 26 ट्रिपलआईटी एवं 35 जीएफटीआई सहित 116 कॉलेजों की 700 से अधिक कॉलेजज ब्रांचेज को प्राथमिकता के घटते क्रम में भरना होगा.
राघव गोयल ने जेईई एडवांस्ड 2023 में ऑल इंडिया रैंक 04 हासिल की है. कोटा क्लासरूम स्टूडेंट राघव अब आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करने के बाद स्टार्ट अप शुरू करना चाहता है. इसके अलावा वो मैथ्स सब्जेक्ट को भी एक्सप्लोर करना चाहता है. राघव ने अपना की आॅफ सक्सेस शेयर करते हुए बताया कि मैं जो भी करता हूं, इंटरेस्ट लेकर ही करता हूं. वो चाहे पढ़ाई हो, स्पोर्ट्स हो या फिर कुछ और एक्टिविटी. मेरा शुरू से विजन क्लीयर था कि आईआईटी मुम्बई में एडमिशन लेना है और जेईई की तैयारी के लिए कोटा में एडमिशन लेना मेरे लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. क्योंकि यहां फैकल्टीज सपोर्टिव होने के साथ काफी एक्सपीरियंस्ड है….
मलय ने जेईई एडवांस्ड-2023 में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल की है. अब मलय आईआईटी मुम्बई की सीएस ब्रांच से बीटेक करेगा. मलय ने बताया कि जेईई एडवांस्ड में सक्सेस के लिए मैंने कोटा कोचिंग फैकल्टीज की गाइडेंस के अनुसार ही तैयारी की थी. फिजिक्स और मैथ्स में थ्योरी क्लीयर करने के साथ ही प्रेक्टिस पर ज्यादा जोर दिया, जबकि कैमेस्ट्री में एनसीईआरटी सिलेबस पर पूरा फोकस करते हुए तैयारी की. सवालों की प्रेटिक्स बार-बार करता था. इससे कॉन्फिडेंस मजबूत हुआ. कोचिंग की ओर से मिलने वाले मॉड्यूल्स व स्टडी मैटेरियल परफेक्ट होते हैं.
