मधुबनी :अजय धारी सिंह
मधुबनी : शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक सर्कुलर का एक लेटर काफी वायरल हों रहा है। लेटर मधुबनी मेडिकल कालेज के लेटर पैड पद लिखा हुआ है। जिसमें रमदान के महीने में कपल की तरह खड़े होने पर सख्त मनाही है और ऐसा पाए जाने पर उनके निकाह की बात कही गई है। साथ ही इसके उल्लंघन पर कपल को वलीमा खुद इंतजाम करने को कि जवाबदेही की बात भी लिखी हुई हैं। हालांकि मधुबनी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल प्रशासन ने इस तरह के किसी भी सर्कुलर लेटर जारी करने की पुष्टि नहीं की और इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया के समाने लेते के फेक होने और कारवाही की बात कही है।
सोशल मीडिया एक्स(ट्विटर) पर मोहन गौड़ा नाम के एक व्यक्ति ने शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को सुबह के 9 बजकर 35 मिनट पर एक सर्कुलर का एक लेटर अपने पोस्ट पर डाला है जो काफी वायरल हों रहा है। हालांकि हम लेटर की इसकी पुष्टि नहीं करते हैं लेकिन उस लेटर में लिखा है कि रमदान के महीने में कपल की तरह खड़े होने पर सख्त मनाही है। ऐसा खड़े कपल के साथ पाए जाने पर उनका तत्काल विवाह करा दिया जाएगा। साथ ही नोट में इसके उल्लंघन पाए जाने पर कपल को अपना वलीमा खुद इंतजाम करने को कि जवाबदेही होगी, ऐसा लिखा हुआ है।
उस सर्कुलर लेटर के नीचे प्रिंसिपल के हस्ताक्षर और स्टांप भी लगा हुआ है। साथ ही इस सर्कुलर लेटर की कॉपी माननीय मैनेजिंग डायरेक्टर, डायरेक्टर, एमएस / डीएमएस, सभी एचओडी/ इंचार्ज, सभी पीजीटी, इंटर्न एवं एमबीबीएस और नोटिस बोर्ड पर देने की बात लिखी हुई है। हालांकि इस सर्कुलर लेटर के सोशल मीडिया पर जारी होने के बाद मधुबनी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल प्रशासन ने इस तरह के किसी भी सर्कुलर लेटर जारी करने की पुष्टि नहीं की है और इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया के सामने इस सर्कुलर लेटर की सच्चाई पर अपनी बात रखने की बात कही।
शुक्रवार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मधुबनी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के प्रशासक और एमडी मो० तौसीफ अहमद ने मीडिया को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सर्कुलर लेटर के बारे में बताया कि मधुबनी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, प्रशासक या अन्य किसी ने ऐसा कोई लेटर कभी जारी ही नहीं किया था, ये एक फेक लेटर है।
ये एक एडिटेड या ऐआई जनरेटेड इमेज है और ये एक साइबर अटैक का मामला है जिसका हमने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। उसमें लिखा हुआ तथ्य मधुबनी मेडिकल कॉलेज या अन्य कोई भी संस्था कभी भी जारी कर कर सकती है। मधुबनी मेडिकल कॉलेज एक प्रतिष्ठित संस्था है जो जाति, धर्म, पंथ इत्यादि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करती है। इस बारे में जानकारी मिलने पर जिले के स्थानीय प्रशासन, डीएम एवं एसपी को भी इस मामले की ब्रीफिंग दे दी गई है और मुझे उम्मीद है
कि वे भी इसपर संज्ञान लेंगे। मामले पर उचित करवाई भी की जाएगी जिससे कि आगे कोई इस तरह की घटना दुबारा न हो। इस तरह की एडिटेड ऐआई जनरेटेड इमेज या वीडियो द्वारा साइबर हमला मधुबनी मेडिकल ही नहीं पूरे देश में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जानिए मीलिया इस्लामिया, इत्यादि पर भी हुआ है जो एक चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील किया कि वे ऐआई के जमाने में खबरों की पुष्टि करके ही चलाएं। लेकिन लोगों के बीच अभी भी ये चर्चा का विषय बना हुआ है के ये एक फेक लेटर है या नहीं?
