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टीबी उन्मूलन के लिए जन आंदोलन की है आवश्यकता : हरुण रसीद

• बिहार विधान परिषद में टीबी उन्मूलन पर कार्यशाला का हुआ आयोजन

• राज्य में 21.05 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि का हुआ वितरण
• कार्यशाला में विभिन्न पार्टियों के 25 से अधिक विधान पार्षदों ने लिया हिस्सा

पटना: बिहार विधान परिषद के सदन में टीबी उन्मूलन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद हरूण रसीद ने की ।

जनांदोलन की है जरूरत:

इस मौके पर हरूण राशिद ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए जन आंदोलन की आवश्यकता है। टीबी उन्मूलन में बिहार के सभी पार्टियों की प्रतिबद्धतता को देखकर मुझे खुशी हुई है। उन्होने कहा कि जिस तरह से पूरे देश को पोलिया मुक्त किया गया, उसी तरह से टीबी मुक्त करने की भी जरूरत है। इसके लिए सामूहिक सहभागिता व जनआंदोलन की आवश्यकता है। सामूहिक सहभागिता से ही बिहार व पूरे देश को टीबी मुक्त किया जा सकता है।

नये साधन व तकनिक को अपनाने में अग्रनि भूमिका निभा रहा विभाग: मंगल पांडेय
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 2025 तक बिहार समेत पूरा देश टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार टीबी उन्मूलन की दिशा में हर संभव कदम उठा रही है। स्वास्थ्य विभाग नये साधन व तकनिक को अपनाने में अग्रणि भूमिका निभा रहा है और टीबी उन्मूलन के लिए लगातार प्रयासरत है। बिहार में शुरू किये गये निजी क्षेत्रों की सहभागिता भारत ने अपनाया है।

जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील:
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने टीबी उन्मूलन पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से किये गये प्रयासों के बारे में चर्चा की। उन्होने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्र में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का अवलोकन करने तथा निजी क्षेत्रों के सेवा प्रदाताओं से टीबी मरीजों की सूचना उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की।

वर्ष 2019 में 1.22 लाख मिले टीबी मरीज:
बिहार में वर्ष 2019 में 1.22 लाख टीबी के मामले दर्ज किये गये। पिछले दो वर्षों में सरकार के द्वारा कई नयी पहल शुरू की गयी है। जिसमें निजी क्षेत्रों के साथ सहभागिता, मौजूदा डायग्रेस्टिक एवं उपचार सेवाओं को मजबूतीकरण और प्रत्येक टीबी मरीजों को 500 रूपये पोषण सहाय राशि देने का प्रावधान किया गया है।

21.05 करोड़ रूपये का हुआ वितरण:
राज्य टीबी अधिकारी मेजर डॉ. के.एन सहाय ने जनप्रतिनिधियों को टीबी कार्यक्रम की रूप-रेखा से अवगत कराया। सरकार द्वारा शुरू किये गये नये कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। उन्होने निक्षय योजना की जानकारी देते हुए कहा कि टीबी के प्रत्येक मरीजों को पोषण मिल सके इसके लिए उनके उपचार की अवधि के दौरान 500 रूपये दिए जाता है। अप्रैल 2018 से अब तक 70000 से अधिक मरीजों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। इस योजना के तहत 21.05 करोड़ रूपये का वितरण भी किया गया है।

इस दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा, सूचना एंव जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार, प्रधान सचिव संजय कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, कार्यकारी सचिव (बिहार विधान परिषद) विनोद कुमार, राज्य टीबी अधिकारी मेजर डॉ. के.एन सहाय, एमएलसी रीना यादव, दीघा के विधायक संजीव चौरसिया आदि ने सभा को संबोधित किया।

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