बिहार के नए डीजीपी विनय कुमार ने आज कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्पीडी ट्रायल और अपराधियों की संपत्ति जब्ती उनकी प्राथमिकता होगी। इससे पहले पूर्व डीजी आलोक राज ने उन्हें प्रभार सौंपा और अपने कार्यकाल को लेकर सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
आलोक राज ने कहा कि 105 दिनों के कार्यकाल में वो जनता के डीजीपी रहे, इस दौरान उनके ऑफिस का गेट हमेशा खुला रहा। वहीं, डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि बीएनएस कानून के तहत 10 दिनों के अंदर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का काम करेंगे। शनिवार को पुलिस मुख्यालय में इस मौके पर एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
पुलिस भवन निर्माण विभाग के सीएमडी बनाए गए आलोक राज ने कहा कि उनके कार्यकाल में बिहार में तीन मुख्य अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किये गए। इसी अवधि में छपरा में बीएनएस कानून के तहत पूरे भारत में सबसे पहले नए कानून के तहत सजा दिलाई गई।
डीजीपी विनय कुमार ने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्हें एक कुशल और ईमानदार पुलिस अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। इसके पूर्व वे बिहार पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) लॉ एंड ऑर्डर और एडीजी सीआईडी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अपने कैरियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने विभिन्न जिलों में एसपी के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वह वैशाली के बेलकुंडा स्थित रामपुरानी गांव के निवासी हैं।
