बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने एक कार्यक्रम फेसबुक लाइव “मेरी कहानी, मेरी जुबानी” के जरिए अपने वीआरएस लेने की बातों पर बेबाक अंदाज में अपनी बातें रखी हैं..
गुप्तेश्वर पांडे ने अपने 34 साल के पुलिस विभाग के कैरियर के संदर्भ में बताते हुए कहा कि आज तक पूरी इमानदारी से सेवा जनता का किया हूं.. पूरी तरह अभी तक बेदाग हूं…
गुप्तेश्वर पांडे ने वीआरएस लेने की बातों पर बेबाक अंदाज में तमाम उन मजबूरियों को जनता के सामने रखी है जो वह खुद महसूस कर रहे थे.. गुप्तेश्वर पांडे बेहद शालीन,ईमानदार तरीके से अपने पूरे कार्यकाल को जनता के समक्ष पुरे प्रश्न उत्तर के साथ रखा है..
.उन्होंने कहा कि पिछले 1 महीनों से जिस तरीके से हमने प्रेशर में रहा है.. जितने फोन कॉल्स मुझे इस्तीफा देने को लेकर के आया है,जितने व्हाट्सएप मेरे पास आए हैं, वह वाकई मुझे पिछले 1 महीनों में विचलित कर रही थी. हैरान कर रहा था.. जिससे आजिज होकर हम आखिरकार भी VRS लेने का फैसला लिया…
गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि यदि मैं वीआरएस नहीं लेता तो अगले कुछ चंद महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में जिस तरीके से मेरे बारे में एक परसेप्सन बना दिया गया था मीडिया की ओर से, कुछ राजनीतिक दलों की ओर से, वह वाकई एक मेरे 34 साल के बनाए हुए छवि को बर्बाद कर देता..
भारतीय चुनाव आयोग भी हमारे काम को शक की निगाह से देखना शुरु कर देेता.. यही वजह है कि हम ठीक चुनाव से पहले VRS ले लिया..
.चुनाव लड़ने की बातों पर गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि 34 साल पुलिसिया नौकरी में रहकर बेदाग छवि होने के बावजूद एक गरीब ब्राह्मण का बेटा का क्या चुनाव नहीं लड़ सकता है ?.. क्या चुनाव लड़ना गैरकानूनी है ?.. क्या चुनाव लड़ना गैर संवैधानिक है क्या चुनाव लड़ना एक पाप है ?… गुप्तेश्वर पांडे ने कहा तो मैंने गलत कहा किया है …
