पटना. भाजपा के संयुक्त मोर्चा राष्ट्रीय कार्यकरिणी में शामिल होने पटना पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ है. शनिवार को जब जेपी नड्डा पटना यूनिवर्सिटी पहुंचे तो बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. जेपी नड्डा गो बैक के नारों से पूरा पटना यूनिवर्सिटी का परिसर काफी देर तक गूंजता रहा.
दरसल, पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की मांग को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. आइसा से जुड़े छात्रों ने नड्डा के खिलाफ नारेबाजी की और मोदी सरकार पर पटना यूनिवर्सिटी के हितों की अनदेखी करने का कथित आरोप लगाया. भव्य रोड शो के साथ पटना की सडकों पर उत्साहजनक स्वागत के बाद पटना यूनिवर्सिटी में जब नड्डा के खिलाफ नारेबाजी शुरू हुई तो कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
नड्डा और भाजपा के नेता जब तक कुछ समझ पाते पूरा पटना यूनिवर्सिटी का परिसर जेपी नड्डा गो बैक के नारों से गूंजता रहा. वहीं इसके खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने भी आइसा का विरोध शुरू कर दिया. कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तीखी तकरार हुई. बाद में भारी हंगामे को देखते हुए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया.
दरअसल, जेपी नड्डा का जन्म और पढाई लिखाइ पटना में हुई. वे युवावस्था तक पटना में रहे. उनके परिवार के लोगों का पटना से दशकों का नाता रहा. इसलिए अपने पुराने शिक्ष्ण संस्थान का सुध लेने नड्डा पटना यूनिवर्सिटी गए थे. लेकिन उन्हें वहां भारी विरोध का सामना करना पड़ा. छात्रों ने विरोध जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार को पटना यूनिवर्सिटी को सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी बनाना होगा. नयी शिक्षा नीति वापस लो एवं पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दो जैसे प्रमुख नारे के साथ जे पी नड्डा का विरोध किया गया।
इस दौरान आइसा राज्य सह सचिव कुमार दिव्यम, आइसा छात्र नेता नीरज यादव, आदित्य रंजन, विशाल विनायक, अनिमेष चंदन, राज्य कार्यकारिणी सदस्य शास्वत, अभिषेक समेत दर्जनों मौजूद थे।
