पटना : सीबीआई ने पांच मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक) के आयोजन में कथित अनियमितताओं के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की है. केंद्र द्वारा जांच सौंपने की घोषणा के एक दिन बाद यह प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
CBI ने आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले की जांच के लिए CBI ने विशेष टीमें गठित की है. CBI की विशेष टीमें पटना जल्द भेजी जा रही हैं… वहीं इस मामले को लेकर नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है …नीट पेपर लीक मामले की जांच अब CBI करेगी.. EOU से CBI. इस केस को टेकोओवर करेगी, जिसके लिए नीतीश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है …
इस बात की जानकारी EOU ने प्रेस रिलीज के जरिए साझा करते हुए बताया है कि बिहार सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंपने की अधिसूचना जारी कर दी है …जल्द ही CBI की की पटना पहुंच रही हैं, जिसके बाद केस सौंप दी जाएगी …
बता दें कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक्शन लेते हुए शनिवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक सुबोध सिंह को हटा दिया और मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी.
केंद्र सरकार ने आनन-फानन में शनिवार रात नीट-पीजी प्रवेश परीक्षा स्थगित कर दी. परीक्षा रविवार 23 जून को होना था. परीक्षा उन छात्रों के लिए आयोजित किया जाना था, जिसमें उन छात्रों को शामिल होना था, जिन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए थे. कुल 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स किए गए था. जबकि 67 छात्रों को पूरी 720 अंक दिए गए थे. जिसके बाद छात्र आंदोलन में उतर गए. नीट-यूजी परीक्षा पांच मई को 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी और इसमें करीब 24 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे. परीक्षा परिणाम 14 जून को घोषित होने थे, लेकिन चार जून को घोषित कर दिए गए थे.
