कांग्रेस पार्टी के विधान परिषद सदस्य प्रेम चंद्र मिश्रा ने राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी के द्वारा कोटा से छात्रों- प्रवासियों को बिहार भेजने के संबंध में कांग्रेस के राजस्थान सरकार पे लगाए आरोप को अनर्गल और झूठ का पुलिंदा बताया है।
उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने ना सिर्फ कोटा से छात्रों को बल्कि जयपुर,जोधपुर,सीकर,अलवर,बीकानेर,श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा आदि स्थानों से कुल 59,381 बिहारी श्रमिकों को 42 श्रमिक ट्रेनों तथा अनेकों बसों के द्वारा अपने खर्चे से बिहार के विभिन्न स्थानों पर भेजा है जिसमे कांग्रेस नेता श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने अभी तक कुल 3,61,58,942 रुपये का खर्च का वहन किया है।
उन्होंने उप मुख्यमंत्री मोदी के द्वारा कहे कथन कि बिहार सरकार ने जब एक करोड़ का भुगतान किया तब राजस्थान सरकार ने ट्रेन परिचालन की अनुमति दी को आधारहीन तथा हास्यास्पद बताते हुए पूछा कि रेलवे तो भारत सरकार द्वारा परिचालित होती है उसपर राजस्थान सरकार का आधिपत्य कब से हो गया मोदी जी को बताना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोगों को पता है कि कोटा से छात्रों को वापस लाने या अन्य जगहों पर फंसे बिहारी प्रवासियों को लाने के मामले में बिहार सरकार तो आरम्भ से ही आनाकानी कर रही थी और लोगों को याद ये भी याद है कि मोदी जी ने हाथ खड़े कर लिए थे और कहा था कि हमारे पास बसों का आभाव है और हम कोटा से छात्रों को नही ला सकते।
उन्होंने उप मुख्यमंत्री को झूठे और आधारहीन ट्वीट और बयानबाजी करने से परहेज करने की सलाह देते हुए बताया कि उन्हें तो राजस्थान सहित कांग्रेस शासित सभी राज्यों का,सभी प्रदेश काँग्रेस कमिटी को सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहिए क्योंकि ना सिर्फ राजस्थान बल्कि पंजाब और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकारों के अतिरिक्त गुजरात,महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश, तेलंगाना,दिल्ली,हरयाणा,कर्नाटक,प्रदेश कांग्रेस कमिटी के खर्चे से कई ट्रेन सूरत,भरूच, वर्धा, नागपुर, मुम्बई,रायपुर,हैदराबाद, लुधियाना से हजारों श्रमिकों को बिहार भेजने का काम हुआ है तथा युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास के द्वारा भी अपने खर्चे से ट्रांसपोर्ट के विभिन्न साधनों के द्वारा हजारों प्रवासियो को बिहार भेजने तथा उन्हें दिल्ली में कई प्रकार के सहयोग देने का काम किया गया है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से लॉक डाउन में प्रवासियो को लेकर सवाल करने वाले मोदी जी को बताना चाहिए कि उनकी पार्टी भाजपा तथा उनके सहयोगी पार्टी जदयू द्वारा कितने प्रवासियो को अपने खर्चे से बिहार लाया गया ??
