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दरभंगा AIIMS के सांकेतिक शिलान्यास करने से रोका जिला प्रशासन, ADM को सौंपा गया ज्ञापन और शिलान्यास के लिए घर-घर से लाए गए ईंट…MSU का आह्वान, अब गांव गांव जाकर करेंगे आमजन को जागरूक…

आज दिनांक – 08 सितम्बर 2021 को मिथिला स्टूडेंट द्वारा दरभंगा में शीघ्र एम्स निर्माण को।लेकर हजारों युवाओ का जत्था नींद में सोई सरकार को जगाने हेतु गगनभेदी नारो के आक्रामकता जोश के साथ पोलो मैदान से लोहिया चौक , DMCH के रास्ते कर्पूरी चौक पहुँची ।

विदित हो कि MSU द्वारा दरभंगा एम्स को लेकर चलाये गये अभियान में घोषणा किया था , 6 साल से प्रतीक्षा कर रहे मिथिलावासी अब खुद 5000 लोगो के साथ शिलान्यास करेगी । लेकिन सरकार की दमनकारी नीति ने अपने स्तर से आंदोलन को असफल करने हेतु अनेकानेक बाधाएं उतपन्न किया । ततपश्चात निर्णय अनुसार भीड़ की शक्ल को कम करके आज का आंदोलन को सफल किया गया । शिलान्यास के कार्यक्रम को स्थगित किया गया और जत्था के साथ DM से मिला ।

कर्पूरी चौक पर एक सभा का आयोजन किया गया। जहाँ सभा को संबोधित करते हुए गोपाल चौधरी ने कहा कि सत्ता व प्रशासन की दमनकारी नीति के कारण आंदोलन के प्रारूप को सांकेतिक किया गया। प्रशासन द्वारा निषेधाज्ञा लगाकर आंदोलन को कमजोर किया गया । लेकिन हमलोग पुनः गाँव- गाँव जाकर जनता को जागरूक करके एक बड़े आंदोलन की तैयारी करके मिथिला विरोधी सत्ता व प्रशासन को सबक सिखाने का काम करेंगे।

वही अविनाश भारद्वाज ने कहा कि मिथिला विरोधी केंद्र व राज्य सरकार एम्स के प्रति सजग नही है । मिथिला स्टूडेंट यूनियन स्थापना काल से ही दरभंगा में एम्स निर्माण को लेकर सजग व संघर्षरत छात्र संगठन है । विदित हो कि विगत डेढ़ महीने से दरभंगा में अबिलम्ब एम्स निर्माण हो , इस हेतु संगठन ‘घर-घर से ईंटा लाएंगे – दरभंगा एम्स बनाएंगे’ अभियान को गाँव गाँव तक जाकर आमजन को जागरूक करके सत्ता व विभागीय प्रशासन को जागरूक किया है । समस्त मिथिलावासी ने एक स्वर में इस अभियान का पुरजोर समर्थन किया है । क्योंकि दरभंगा एम्स की उपयोगिता व आवश्यकता अत्यंत अधिक है । दुःख की बात है 8 करोड़ की आबादी वाला मिथिला से सबसे ज्यादा पलायन लोग समुचित स्वास्थ्य सेवा हेतु करते है ।

अभिभावक रजनीकात पाठक व संतोष मिश्रा ने कहा कि दरभंगा एम्स बनने से आमजन को अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा का सुविधा मिल सकेगा । बिहार में दूसरे एम्स की घोषणा हुए 6 साल हो चुका है । 2019 में 750 बेड का 1264 करोड़ की लागत से दरभंगा एम्स बनने का रास्ता भारत सरकार के कैबिनेट हो चुका है । भारत सरकार से मंजूरी मिलने की तारीख से 48 महीने के अंदर ये एम्स बनकर तैयार हो जाना चाहिए । इसके साथ व पूर्व घोषित कई एम्स में स्वास्थ्य सेवा बहाल हो चुका है ।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बनाए जाने को मंजूरी देकर बिहार के लोगों को तोहफा दिया था। मोदी कैबिनेट के इस फैसले के बाद ही बिहार में पटना के बाद दूसरा AIIMS बनने का रास्ता साफ हो गया था। बताया गया दरभंगा एम्स 750 बेड का होगा और इसे बनाने में 1264 करोड़ रुपए खर्च होंगे। AIIMS में अगल अलग Faculty और Non-Faculty पोस्टों पर लगभग 3000 लोगों को सीधे तौर पर नौकरी मिलेगी. इसके अलावा, नए एम्‍स के आसपास बनने वाले शॉपिंग सेंटर, कैन्‍टीन जैसी सुविधाओं और सेवाओं के चलते बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा।स्वास्थ्य सुविधा हेतु पलायन का द्वंश झेल रहे मिथिला समेत बिहारवासी को राहत मिलेगी । सरकार की मंशा एम्स हेतु है लेकिन सजगता व नेक इरादा नही होने के कारण युवाओ ने एम्स को लेकर विभिन्न स्तर से आंदोलन जारी है। एम्स की उपयोगिता व आवश्यकता बहुत ज्यादा इस 7 करोड़ की आबादी वाले मिथिला क्षेत्र में है ।

*इस* *अभियान* *को* *शुरू* *करने* *वाले* *अभियानी* *संस्थापक* *राष्ट्रीय* *अध्यक्ष* *अनूप* *मैथिल* व *निवर्तमान* *महासचिव* *आदित्य* *मोहन*
ने कहा कि नागपुर एम्स 2014 में घोषित हुआ था, मात्र 4 साल के अंदर 2018 में बनकर तैयार हो गया और अब सेवा में है। गोरखपुर एम्स 2014 में घोषित हुआ, 2016 में शिलान्यास किया गया प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा और मात्र 3 साल के अंदर 2019 में ओपीडी शुरू हो गया और अब सेवा में है। 2018 में तेलंगाना में एम्स घोषित हुआ, पार्शियली फंक्शनल है। 2017 में देवघर, राजकोट में एम्स घोषित हुआ, दोनों जगह क्लास स्टार्टेड है। 2015 में विजयपुर, विलासपुर, गुवाहाटी में घोषित हुआ, क्लासेज शुरू है। वहीं दरभंगा एम्स आजतक इंतजार कर रहा है।

शिवेंद्र वत्स ने कहा कि अविकसित सोच व मिथिला को साजिशन स्वास्थ्य सेवा हेतु पलायित करने के सोच रखने वाले अव्यवहारिक भारत सरकार व राज्य सरकार चिर-निंद्रा में सोई हुई है । जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आग्रह किया है कि दरभंगा एम्स की शीघ्र निर्माण हेतु अपने स्तर से उक्त स्थिति – वस्तु स्थिति को समझते हुए मिथिलावासी की मांग को भारत सरकार व बिहार सरकार के विभागीय प्रारूप को मांग को अग्रसारित करें , ताकि 8 करोड़ की आबादी को समुचित स्वास्थ्य लाभ मिल सके ।

एक प्रतिनिधिमंडल दरभंगा ADM से मिलकर ज्ञापन एवं ईंट सौंपा । इस प्रतिनिमण्डल मे अनूप मैथिल , संतोष मिश्रा , राजेश झा उपस्थित थे।

वही इस मौके विद्या भूषण राय , अभिषेक कुमार झा , गोपाल कुमार , अमन सक्सेना , अर्जुन कुमार , विनय पासवान, केशव , किशन , वीरेंद्र कुमार , शिवम , अभिजीत , अनीश , राज पासवान , नीरज , राजेश अमित मिश्रा , धीरज कुमार झा , शुभम कुमार झा सहित सैकड़ों सेनानी उपस्थित थे ।

राजू सिंह, बिहार नाउ, दरभंगा

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