बिहार में दफादार और चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज की घटना ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे दफादार और चौकीदारों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि इसकी गूंज बिहार विधानसभा तक पहुंची और सदन में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद खुद सीएम नीतीश कुमार अपनी जगह से खड़े हुए और कहा कि-हमलोग 2002 हैं आपलोग कितने हैं …बेकार का हो-हल्ला मत कीजिए आपलोग कभी कोई काम किए हैं क्या ?
सीएम नीतीश कुमार ने विपक्षी सदस्यों के तरफ भाई वीरेंद्र और कुमार सर्वजीत को इशारा करते हुए कहा कि- आपलोग बैठिए चुपचाप,आपलोग कितना हो गए हैं जरा दिखिए;हमलोग अब तो 2002 (संदर्भ NDA विधायकों की संख्या 202) हो गए हैं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आप बेमतलब का नहीं बोलिए बैठिए चुपचाप। हम तो बैठे रहते हैं आप लोगों का सुनते रहते हैं अब आप लोग ऐसे बोल रहे हैं यह कोई तरीका है। आपलोग कितना काम किए, पहले कितना काम होता था वह भी बताइए ?
इसके बाद भी सीएम ने कहा- एक दो बार तो आप लोगों को गलती हम अपने साथ रखें, लेकिन आपलोग इधर-उधर करने लगे तो हम लोगों ने सोचा अब साथ नहीं रहना है, अब कभी हम आपलोगों को माफ नहीं करेंगे । आपकी सरकार ने कभी कोई काम किया है क्या।
अरे आपकी सरकार ने आज तक कोई काम नहीं किया है। जो भी काम हुआ है वह हमारे समय में हुआ। सीएम नीतीश कुमार के लगातार इस एक्शन को लेकर उनके बगल की सीट पर बैठे संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी उनको यह कहते हुए नजर आए कि अब आप बैठ जाइए हो गया, अब मत बोलिए उसके बाद भी सीएम अपनी बात कह रहे थे हालांकि विपक्ष के विधायकों ने हंगामा बंद किया तो सीएम नीतीश कुमार भी अपनी जगह पर बैठ गए।
इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री ने सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि मामले की जांच कराई जाएगी और अगर कहीं किसी स्तर पर अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है तो उसकी समीक्षा की जाएगी। हालांकि, विपक्ष इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिखा और उसने प्रभावित दफादारों व चौकीदारों को मुआवजा देने की मांग की।
