आरा। भोजपुर के बिलौटी में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए गोली चलाने के आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गुरुवार देर रात तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और लगातार गैरहाजिर चल रहा था।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही भरत भूषण तिवारी के स्वजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर न्याय की मांग की थी।
मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया था। परिवार का कहना है कि यह गिरफ्तारी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भाई का दावा- पहली गोली अक्षय कुमार ने ही चलाई
भरत भूषण तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने गिरफ्तारी के बाद कहा कि उन्होंने अपनी आंखों से एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को पहली गोली चलाते देखा था।
उनका आरोप है कि भरत ने हथियार फेंक दिया था और आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उस पर गोली चलाई गई। परिवार शुरू से कार्रवाई की मांग कर रहा था।
17 जून को हुआ था एनकाउंटर, इलाज के दौरान हुई मौत
भरत भूषण तिवारी का 17 जून को भोजपुर के बिलौटी में एसटीएफ के साथ हुई कार्रवाई के दौरान एनकाउंटर हुआ था। गंभीर रूप से घायल भरत को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद से ही एनकाउंटर को लेकर कई सवाल उठे। स्वजन का आरोप था कि भरत ने हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उस पर गोली चलाई गई।
जांच से बच रहा था आरोपी जवान
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने अक्षय कुमार को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह लगातार अनुपस्थित रहा। जांच में सहयोग नहीं करने के कारण उसकी तलाश तेज की गई।
इसके बाद तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन का पता लगाकर गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।
अब जांच एजेंसियां उससे घटना के हर पहलू पर पूछताछ करेंगी। यह भी जांच की जाएगी कि गोली चलाने की परिस्थितियां क्या थीं और क्या एसटीएफ की कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप थी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई
24 जुलाई को भरत भूषण तिवारी के स्वजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई हुई। जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीओ को उनके पद से हटा दिया गया। वहीं उस समय के एसडीपीओ राजेश कुमार को भी मद्य निषेध विभाग से हटा दिया गया था।
न्यायिक आयोग कर रहा पूरे मामले की जांच
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित न्यायिक आयोग कर रहा है। आयोग पूरे घटनाक्रम की गहन पड़ताल कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों, एसटीएफ के जवानों, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
अब आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच को और गति मिलने की उम्मीद है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।
