पटना. बिहार सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद से हटा दिया है. उन्हें बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है. दीपक कुमार बिहार के मुख्य सचिव भी रह चुके हैं और लंबे समय तक नीतीश कुमार के प्रधान सचिव के रूप में काम कर चुके हैं. उन्हें नीतीश कुमार का करीबी अधिकारी माना जाता है. इस बदलाव को मुख्यमंत्री सचिवालय में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है.
बता दें कि दीपक कुमार को बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है. नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने लंबे समय तक प्रधान सचिव के रूप में काम किया. इस दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्हें नीतीश कुमार का करीबी अधिकारी भी माना जाता रहा है.
दीपक कुमार बिहार सरकार में मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. प्रशासनिक अनुभव और राज्य सरकार के शीर्ष पदों पर काम करने के कारण उनकी नई नियुक्ति को महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका राज्य में आपदा से जुड़ी नीतियों और तैयारियों के काम से संबंधित होगी.
कौन हैं दीपक कुमार ❓
दीपक कुमार 1984 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वे आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक (B.Tech) हैं. वे जून 2018 में बिहार के मुख्य सचिव बने थे. इसके बाद फरवरी 2021 में रिटायर होने के बाद उन्हें तुरंत ही मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर दिया गया था. उन्हें मंत्री स्तर की सभी सुविधाएं दी गई थीं और उनका कोई फिक्स कार्यकाल नहीं था. पूर्व में वे बक्सर, नालंदा, हजारीबाग और मोतिहारी में जिलाधिकारी रह चुके हैं. केंद्र में वह ESIC के डायरेक्टर जनरल और NHAI के चेयरमैन भी रहे हैं. नीतीश कुमार के साथ उनकी केमिस्ट्री सबसे अच्छी मानी जाती है.
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में क्या होगी भूमिका ❓
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बाढ़, सूखा और अन्य आपदाओं से निपटने की नीति बनाता है. यह एक महत्वपूर्ण पद है, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की तुलना में इसे सीधे तौर पर पावर सेंटर से हटना माना जा रहा है. चर्चा है कि दीपक कुमार को अब दिल्ली में नीति आयोग जैसी किसी बड़ी जिम्मेदारी में भेजा जा सकता है.
