मधुबनी: मधुबनी में संजीवनी नर्सिंग होम नाम के निजी नर्सिंग होम में बुधवार को समाचार संकलन करने गये दैनिक भास्कर के पत्रकार पर हमला कर दिया गया। घटना जिले के अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के अंधराठाढ़ी बाजार की हैं। जहां संवाददाता बिंदेश्वर चौधरी के अनुसार निजी नर्सिंग होम के संचालक धरम कुमार राय ने अपने गुर्गे के साथ मिलकर धारदार हथियार से हमला किया। घटना में उनके सिर पर चार टांके लगे और उनको बेहतर इलाज के लिए अंधराठाढ़ी पीएचसी से मुख्यालय के सदर अस्पताल भेज दिया गया। घटना को लेकर जिले भर के पत्रकारों में भारी आक्रोश और उन्होंने प्रशासन से ऐसे निजी और अवैध नर्सिंग होम और घटना में दोषी लोगों या संस्था पर कड़ी से कड़ी कारवाही की मांग की है। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कही है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच में जुट गई है।
घायल पत्रकार बिंदेश्वर चौधरी ने बताया कि उनको बुधवार को जानकारी मिली कि स्वास्थ विभाग की टीम संजीवनी नर्सिंग होम नाम के निजी नर्सिंग पर जांच करने के लिए आ रही है। जानकारी मिलते ही मै तुरंत आनन फानन में संजीवनी नर्सिंग होम पहुंच गया। तब तक स्वास्थ विभाग की टीम नर्सिंग होम जांच के लिए नहीं पहुंची थी। जब मैं अंदर जाने लगा तो मुझे रोक दिया गया और मेरे विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाने लगा। वे कह रहे थे कि सिविल सर्जन भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सका तुम क्या कर लोगे? मै इन बातों ने अचंभित हो गया, उन्होंने फिर कहा कि यहां तुम पत्रकार सब अड्डा बनाए हुए हो, जब मर्जी होती है पहुंच जाते हों, जांच सब ऐसे ही होती रहती है।
बिंदेश्वर चौधरी ने कहा कि इसी बीच अचानक बिना कुछ कहे दिन नर्सिंग होम के संचालक धरम कुमार राय और उनके एक व्यक्ति ने बाहर में ही चाय दुकान पर मुझपर हमला कर दिया। वे इतना पर ही नहीं रुके फिर उन्होंने मुझे अंदर ले जाकर कैची या चाकू से मेरे सिर पर कई वार किया। जिसमें उन्होंने पहले मोबाइल से मेरे सिर पर चार पांच बार वार किया फिर कैची या चाकू से मेरे सिर को घायल कर दिया। लेकिन स्थानीय लोगों के द्वारा बीच बचाव के बाद ही वो लोग रुके। हमलें में मेरा सर फट गया और स्थानीय लोगों ने मुझे अंधराठाढ़ी पीएचसी पहुंचाया। इसी बीच भीड़ और भगदड़ का फायदा उठाकर वे लोग भाग निकले।
स्थानीय लोगों के अनुसार संजीवनी नर्सिंग के द्वारा मनमानी की खबरों को बिना डर के बेबाकी से दैनिक भास्कर के लिए बिंदेश्वर चौधरी खबर भेजते थे और अखबार खबर को छापा करता था। आज फिर स्वास्थ विभाग की टीम के जांच में गलती पकड़े जाने के डर से अकेला देखकर नर्सिंग होने के कर्मचारी ने बिंदेश्वर चौधरी पर हमला कर दिया। हमला करने वाला धरम कुमार राय संजीवनी नाम से निजी नर्सिंग होम चलाता है जो कि हमले के बाद से अपने गुर्गे के साथ फरार हो गया है।
वहीं हमले में घायल पत्रकार विंदेश्वर चौधरी का सर फट गया जिसमें आसपास के लोगों ने घायल अवस्था में कई अंधराठाढ़ी पीएचसी में भर्ती कराया जहां सर में चार स्टिच पड़े और बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने मधुबनी सदर हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। जहां चिकित्सकों ने सीटी स्कैन सहित कई जांच किया।
घटना के बाद अंधराठाढ़ी थाना में नर्सिंग होम संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस कार्यवाही में जुटी है। हालांकि पुलिस द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक बयान का पक्ष समाने नहीं आया है।
आपको बताते चलें कि मधुबनी स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में पिछले कई दशकों से कार्यरत कुछ कर्मियों के मिलीभगत से जिला मुख्यालय सहित जिले विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कुकुरमुत्ते की तरह अवैध तरीके से नर्सिंग होम का संचालन कर असामाजिक गतिविधियां कर रहें है।
अवैध तरीके से संचालित नर्सिंग होम में बड़े पैमाने पर भ्रूण हत्या से इंकार नहीं किया जा सकता है। जब भी अवैध तरीके से संचालित नर्सिंग होम में छापेमारी होती है तो वहां नर्सिंग होम की जगह और कुछ दिखता है।
वहां से नर्सिंग होम खाली मिलता है अथवा नर्सिंग होम पर जुर्माना लगा कर अधिकारी चैन की बंसी बजाने लगते हैं। अवैध नर्सिंग होम में कई चिकित्सकों का बोर्ड लगाकर दलालों के द्वारा भोले भाले मरीज को बहला फुसला कर नर्सिंग होम में भरती कराया जाता है और जानकारी नहीं रहते हुए भी गैर नर्सिंग में जच्चा बच्चा की आए दिन मौतें होती रहती है। ऐसे कई मौत का आरोप परिजनों के द्वारा लगाया जाता रहा है।
जिसकी संबंधित थाने में प्राथमिकी भी दर्ज होती है। समाज एवं दलालों के मिलीभगत से नर्सिंग होम संचालक द्वारा पीड़ित को मुआवजा देकर मामले को रफा दफा कर दिया जाता है। लेकिन नर्सिंग होम संचालक अथवा उसके गुर्गे पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं होती है। जिस कारण पुनः अवैध नर्सिंग होम का धंधा चालू रहता है और स्थानीय स्वास्थ्य माफियाओं की चांदी कटती है।
इसमें यदि कोई सवाल करे अथवा पत्रकार समाचार कवरेज के लिए पहुंचे तो (ताजा मामला विंदेश्वर चौधरी जैसे पत्रकार पर) हमला किया जाता है जिससे कि नर्सिंग होम का अवैध धंधा बेरोकटोक चलता रहे। घटना के बाद जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश है। पत्रकारों ने प्रशासन से ऐसे निजी और अवैध नर्सिंग होम और घटना में दोषी लोगों या संस्था पर कड़ी से कड़ी कारवाही की मांग की है। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कही है। वहीं अवैध नर्सिंग होम की मनमानी से पीड़ित स्थानीय लोग भी पत्रकारों के साथ खड़े दिखाई पड़ रहे हैं। इसमें ये देखना दिलचस्प होगा ही हर बार की तरह जांच महज एक खानापूर्ति होकर रह जाती है या प्रशासन इस मामले में एक कड़ी कारवाही करके एक नजीर पेश करता है।
रिपोर्ट – अजय धारी सिंह, मधुबनी
