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भोला कुमार राम हत्या मामले में आया नाटकीय मोड़, न्यायालय में पहुंचा किशोर

दरभंगा. मब्बी थाना क्षेत्र के सिमरा नेहालपुर गांव के भोला कुमार राम हत्या मामले में गुरुवार को नाटकीय मोड़ आ गया है. मब्बी थाना में दर्ज प्राथमिकी के सूचक धीरज कुमार कथित तौर पर मृत घोषित भाई भोला कुमार राम को साथ लेकर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी की अदालत में पहुंचा. अदालत को दिये आवेदन में कहा है कि उसका भाई भोला कुमार राम जिन्दा है, जिसे पुलिस ने मृत घोषित कर दिया था. सूचक ने कहा है कि 28 फरवरी 2025 को पुलिस ने उसे फोन कर डीएमसीएच बुलाया और चेहरा विकृत अज्ञात शव की उससे जबरन पहचान करायी तथा एक मार्च 25 को शव सिपूर्द कर दिया. शव की आयु 20-25 वर्ष थी. जबकि सूचक के भाई की उम्र 16-17 वर्ष है. सूचक ने अपने आवेदन में अंकित किया है कि उसके मोबाइल पर ह्वाट्सएप कॉल आया कि तुम्हारा भाई नेपाल में है. उक्त पता नेपाल के इण्डस्ट्रीज मिर्चइया कटारी चौक गया तो भाई भोला जीवित मिला. भाइ ने बताया कि 2-3 अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया. उसे एक कमरे में बंद कर रखता था.

स्पेशल पीपी संजीव कुमार कुंवर ने सूचक के आवेदन की प्रति प्राप्त कर कांड के अनुसंधानक को सूचित किया है. अनुसंधानक ने कथित मृतक भोला राम को अभिरक्षा में लेकर न्यायालय में प्रस्तुत किया तथा न्यायालय से जीवित भोला का बीएन एसएस की धारा 183 के तहत बयान अंकित करने का अनुरोध किया. स्पेशल जज शैलेंद्र कुमार ने 183 बीएन एस एस के तहत बयान दर्ज करने के लिए सीजेएम को निर्देशित किया, जहां उसका बयान दर्ज किया गया. अदालत ने भोला को उचित पहचान पर उसके माता पिता को सौंप देने का आदेश दिया है. मामले में को लेकर लोगों के बीच तरह- तरह की चर्चा है. विदित हो कि भोला कुमार राम की हत्या के आरोप में राहुल कुमार काराधीन है. राज्य कोष से कथित मृतक की हत्या के मुआवजे के तौर पर परिजन को 04 लाख 25 हजार रुपये भुगतान किये जा चुके हैं. अब इस पैसे का क्या होगा, इसे लेकर अदालत परिसर में चर्चा रही.

नाबालिग लड़के आठ फरवरी से लापता था. वह कादिराबाद काम पर गया. इसके बाद वापस नहीं लौटा. इस संबंध में मब्बी थाना में 10 फरवरी को सनहा दर्ज किया गया. 28 फरवरी को पुलिस ने फोन पर परिजन को बताया कि अज्ञात शव मिला है. शिनाख्त के लिए डीएमसीएच बुलाया. शव का चेहरा क्षतिग्रस्त व फूला हुआ था. उनलोगों ने पुलिस को कहा कि शव का डीएनए टेस्ट कराइये. धीरज के अनुसार पुलिस के दवाब उसने शव की पहचान भाई के रूप में कर ली थी और शव का दाह संस्कार कर दिया.

घटना के बाद स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हो गये थे. लोगों ने शव को कादिराबाद में सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया था. परिजनों का कहना था कि फोन करकर 50 हजार फिरौती की मांग की गयी थी. पांच हजार रुपये भेज भी दिया था.

जिस शव की पहचान भोला के तौर पर की गयी उसे काफी गंभीर स्थिति में दोनार-अललपट्टी रेलवे ट्रैक के निकट से बरामद किया गया था. उसकी डीएमसीएच में मौत हो गयी थी. माना गया था कि उसकी हत्या की गयी है.

इस मामले में एसएसपी ने मब्बी थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया था. कहा गया था कि थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की थी. उन पर कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप था. जिसकी लाश थी,

पुलिस को अब कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर काम करना होगा. यह भी पता लगाना होगा कि जिसे मृत घोषित किया गया, आखिर व कौन था.

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