प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक के बाद, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केंद्र सरकार ने देश में जाति जनगणना कराने का निर्णय लिया है. इससे पहले 1931 में आखिरी बार जाति जनगणना हुई थी.
अश्विनी वैष्णव ने इस दौरान कहा कि मनमोहन सिंह ने जरूर जाति जनगणना की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस ने इसे केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया. वैष्णव ने स्पष्ट किया कि जाति जनगणना कराना केवल केंद्र सरकार का अधिकार है.
उन्होंने बताया कि कुछ राज्यों ने पहले भी जाति जनगणना कराई है और केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इससे देश का सामाजिक ताना-बाना प्रभावित न हो. उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने फैसला किया है कि जाति जनगणना, मूल जनगणना में ही शामिल होगी.
